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कोर्स की मान्यता मिली नहीं, जारी कर दिए फॉर्म
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 16 Mar 2014 08:40 AM IST
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) ने कोर्स की मान्यता लिए बगैर ही फॉर्म जारी कर दिए हैं। 1,500 रुपये आवेदन शुल्क जमा करवाकर ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
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ऐसे में अगर कहीं कोर्स की मान्यता न मिली तो स्टूडेंट्स की पूरी कवायद पर पानी फिर जाएगा लेकिन विवि प्रशासन इससे बेफिक्र है और उसने ऑनलाइन आवेदन जारी कर दिए हैं।
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यूनिवर्सिटी ने बीबीए एलएलबी ऑनर्स कोर्स के ऑनलाइन आवेदन जारी किए हैं। नियमानुसार इस कोर्स को चलाने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से एप्रूवल लिया जाना जरूरी है।
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अभी तक इस प्रकरण में कोई एप्रूवल नहीं मिला है, क्योंकि मान्यता मिलने की कार्रवाई अभी अंतिम चरण में है। वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन की डिटेल पर इसे मान्यता मिलने का विषय बताकर इतिश्री कर ली गई है।
यानी, फॉर्म भी जारी किए और स्टूडेंट को घुमाकर बता दिया गया कि कोर्स चलेगा, यह मान्यता मिलने पर निर्भर है। यही नहीं, एमएससी मेडिकल बॉयोटेक्नोलॉजी के कोर्स को चलाने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता लेना जरूरी है।
इस कोर्स में भी यह जरूरी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं की गई है। फिलहाल, बीबीएयू ने इन दोनों ही कोर्सेज के फॉर्म इस उम्मीद में जारी कर दिए हैं कि उसने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसे मान्यता मिलना तय है।
लेकिन अगर किन्हीं कारणों से मान्यता न मिली तो स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस बारे में बीबीएयू के प्रवक्ता डॉ. गोविंद जी पांडेय का कहना है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी को कोर्स चलाने के लिए किसी संस्था से मंजूरी की बहुत जरूरत नहीं होती।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी तो खुद अपने आप में कोई चलाने के लिए सक्षम है। फिर भी बीबीए एलएलबी ऑनर्स कोर्स की मान्यता के संबंध में प्रक्रिया लगभग पूरी है।
बीते साल हमने इस कोर्स को मान्यता न मिलने पर ही नहीं चलाया था। ऐसे में स्टूडेंट्स का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है। बीबीएयू अपने आप में खुद कोर्स चलाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।