बोले राजनाथ, मजबूरी में ले रहा हूं मानद उपाधि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के दीक्षांत समारोह की शुरुआत राजनाथ सिंह ने दीप जलाकर की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राज्यपाल राम नाईक, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व महापौर डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व सांसद लालजी टंडन ने मौजूदगी दर्ज कराई।
बीबीएयू की ऑडी का नया नाम अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखा गया वहीं लाइब्रेरी का नाम गौतम बुद्ध के नाम पर करने की घोषणा हुई। समारोह में राजनाथ सिंह को एलएलडी की मानद उपाधि दी गई। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह मानद उपाधि नहीं लेना चाहते थे मगर वीसी नहीं माने और इसलिए मजबूरी में उपाधि लेनी पड़ी। गौरतलब है कि इससे पहले अखिलेश यूपीटीयू में पीएचडी की डिग्री लेने से इंकार कर चुके हैं।
वाइस चांसलर ने घोषणा की कि बीबीएयू देश की पहली पेपरलेस यूनिवर्सिटी बनेगी। वीसी सोबती ने कहा कि इस साल ड्रेस कोड बदला अगले साल पूरी भारतीयता के साथ कन्वोकेशन होगा। उन्होंने राजनाथ सिंह से 150 करोड़ रुपये की ग्रांट मांगी अभी तक 58 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। बीबीएयू में 1 करोड़ रुपये से गोमती गैलरी बनाने और थिंकर्स सेंटर बनाने की घोषणा भी की गई।
96 होनहारों को मिलेगा मेडल
समारोह में 96 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिया जाएगा और 1949 स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटी जाएंगी। इसमें पीजी के 1799 स्टूडेंट्स, एमफिल के 81 और 69 स्टूडेंट्स को पीएचडी की डिग्री दी जाएगी।
डॉ. कमल जायसवाल ने बताया कि सोमवार को फुल ड्रेस रिहर्सल में बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि समारोह में भाग लेने के लिए स्टूडेंट्स व अभिभावकों को विशेष पास दिया गया है।
पास दिखाकर ही समारोह में एंट्री की व्यवस्था है। समारोह में राजनाथ सिंह को गवर्नर ने राजनाथ सिंह को एलएलडी की मानद उपाधि दी वहीं मदन मोहन मालवीय की पोती डॉ. मंजु शर्मा को डीएससी की मानद उपाधि दी गई।