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बीबीएयू ने मानी गलती, साक्षात्कार कैंसिल
Updated Sat, 11 Oct 2014 10:16 AM IST
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध होने जा रही पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद स्थगित कर दी गई।
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शुक्रवार को गणित विभाग में पीएचडी प्रवेश के लिए साक्षात्कार होने थे। पीएचडी इंटरव्यू के लिए गठित डिपार्टमेंटल रिसर्च कमेटी में नियमों को दरकिनार कर असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के शिक्षक को सदस्य नियुक्त कर दिया गया था।
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जबकि पीएचडी रेग्युलेशन के अनुसार डीआरसी में एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के एक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है। इतना ही नहीं साक्षात्कार के लिए स्टूडेंट्स को बुलाने में भी नियमों का पालन नहीं किया गया था।
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बीबीएयू के व्यावहारिक गणित विभाग में ओपन कैटेगरी की दो तथा एससी-एसटी कैटेगरी की एक सीट के लिए प्रवेश परीक्षा हुई थी। इस बीच गणित विभाग के एकमात्र शिक्षक विश्वविद्यालय छोड़ कर जा चुके हैं।
प्रवेश परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को डीआरसी के सामने साक्षात्कार के लिए हाजिर होना पड़ता है। इसके बाद कुल अंकों के आधार पर दाखिले होते हैं।
बीबीएयू के पीएचडी रेग्युलेशन के अनुसार डीआरसी में एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के एक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है। मौजूदा डीआरसी में एससी एसटी सदस्य के तौर पर जिस शिक्षक की नियुक्ति की गई है।
वे असिस्टेंट प्रोफेसर के स्तर के थे। इसी तरह पीएचडी ऑर्डिनेंस-2013 के अनुसार प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है।
इसके बावजूद साक्षात्कार के लिए तैयार सूची में एमफिल और गेट के पांच-पांच भारांक दे दिए गए थे। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार के अंक में इस संबंध में खबर प्रकाशित करने पर बीबीएयू ने अपनी गलती मान ली है।