छात्रों की बड़ी चुनावी रैलियों पर लगेगी रोक
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में लगातार हिंसक घटनाओं से प्रशासन काफी परेशान है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने सभी छात्र संगठनों के नेताओं के साथ मीटिंग की।
इस मौके पर डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल, प्रो.नंदिता सिंह, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डा.जितेंद्र ग्रोवर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। प्रो.ग्रोवर ने सभी छात्र संगठनों के सामने कैंपस में हिंसक घटनाओं पर चिंता जाहिर की।
उन्होंने बताया कि पीयू छात्र काउंसिल पहले हफ्ते में कराने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन को चिट्ठी लिख दी है, लेकिन हिंसक माहौल में चुनाव कराना मुमकिन नहीं होगा। उन्होंने छात्र नेताओं को कई हिदायतें भी दी।
रैली में नहीं होंगे 30 से ज्यादा स्टूडेंट
डा.जितेंद्र ग्रोवर ने कहा कि इस बार चुनाव में टेंट केवल फाइल कैंडीडेट को ही मिलेंगे। जबकि कई दिन पहले ही हॉस्टल नंबर 1 से 3 के सामने छात्र संगठनों को इजाजत मिल जाती थी। पीयू प्रशासन ने संगठनों को बड़ी रैलियां निकालने पर पाबंदी लगा दी है। गर्ल्स हॉस्टल या अन्य जगह रैली में 30 से अधिक स्टूडेंट हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
प्रो.ग्रोवर ने साफ तौर पर कहा कि कक्षाओं में कैंपेनिंग करने वाले उम्मीदवार को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार का पूरा खर्च कैंडीडेट के खर्च में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव लिंगदोह नियमों के तहत ही कराए जाएंगे।
आउट साइडर पर भी कसेंगे नकेल
पीयू प्रशासन ने चुनाव से पहले कैंपस का माहौल खराब करने वाले आउटसाइडर पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। कुलपति ने सिक्योरिटी ऑफिसर और चार अन्य लोगों को मिलाकर एक कमेटी गठित की है।
कमेटी के सदस्य पीयू कैंपस में स्टिकर लगाकर घूमने वाले स्टूडेंट के आईकार्ड चैक करेंगे। कैंपस में चुनाव प्रचार करने वाले आउटसाइडर को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। चुनाव तक सभी स्टूडेंट को आईकार्ड अपने साथ रखना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
कुलपति के साथ हुई बैठक में पीयू कैंपस के कई संगठन एनएसयूआई,एबीवीपी, पुसू और सोपू ने हिस्सा नहीं लिया। एबीवीपी ने मीटिंग के लिए निमंत्रण नहीं दिए जाने को लेकर कुलपति दफ्तर के सामने काफी देर तक जमकर नारेबाजी की।