{"_id":"2a746d1116e650c4ff441ed9842597de","slug":"ban-on-ex-student-union-president-and-secretary-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"JNU: पहली बार होने जा रहा है ये काम","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
JNU: पहली बार होने जा रहा है ये काम
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Aug 2014 08:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में पूर्व अध्यक्ष अकबर चौधरी और संयुक्त सचिव सरफराज चुनावी तैयारी से दूर रहेंगे।
विज्ञापन
पहली जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में अन्य छात्र संगठनों के सेक्सुअल हरासमेंट मुद्दे में नाम आने के चलते नैतिकता के आधार पर आइसा ने उन्हें प्रचार से दूर रखने का फैसला लिया है।
आइसा और छात्रसंघ कार्यकारिणी सदस्यों के मुताबिक, अकबर और सरफराज पर अभी महज आरोप है, इसलिए किसी शिकायत के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता है, फिर भी उन दोनों ने स्वयं चुनावी अभियान से दूर रहने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
वे बंद कमरे में आइसा की बैठकों में तो भाग लेंगे, लेकिन छात्रों के पास वोट मांगने नहीं जाएंगे। जेएनयू में यह पहला मौका होगा जब छात्रसंघ अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के काम के आधार पर वोट मांगने नहीं जाएंगे। गौरतलब है कि मंगलवार को कैंपस में पहली जीबीएम में छात्रों ने सेक्सुअल हरासमेंट मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था।
विज्ञापन