उत्तराखंड में बीटेक के लिए इस बार भी JEE-मेन ही रास्ता
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कॉलेजों के लगातार मांग करने के बावजूद उत्तराखंड के बीटेक कॉलेजों में इस बार भी जेईई मेन स्कोर के आधार पर ही एडमिशन किए जाएंगे। इसके लिए उत्तराखंड सहित करीब आठ राज्यों ने सीबीएसई को पत्र भेजा है। बोर्ड ने JEE Main 2016 के नोटिफिकेशन में इसका खुलासा किया है।
जेईई मेंस की ओर से जारी सूचना के मुताबिक उत्तराखंड, हरियाणा, नागालैंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी सहित कई तकनीकी शिक्षण संस्थानों में जेईई मेंस के स्कोर के आधार पर दाखिले किए जाएंगे। यानि उत्तराखंड का जो छात्र जेईई मेंस परीक्षा देगा उसके पास दाखिले के कई विकल्प होंगे।
सबसे पहला विकल्प आईआईटी में दाखिले का होगा। दूसरा विकल्प एनआईटी, जीएफआईटी, सीएफआईटी सहित तमाम बड़े तकनीकी शिक्षण संस्थानों में होगा। तीसरा विकल्प प्रदेश के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का होगा।
प्रदेश की अपनी प्रवेश परीक्षा न होने से छात्रों का नुकसान
इंजीनियरिंग विशेषज्ञ डीके मिश्रा के मुताबिक स्टेट की अलग से प्रवेश परीक्षा होने की सूरत में छात्रों के लिए एडमिशन का बेहतर विकल्प बन सकता था। पहले प्रदेश में अलग से प्रवेश परीक्षा कराई जाती थी।
यूपी में होती है अलग से प्रवेश परीक्षा
यूपी सहित कई राज्यों में इंजीनियरिंग के स्टेट कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा कराई जाती है। उत्तराखंड में परीक्षा न होने और सीबीएसई की ओर से देरी से स्टेट रैंक जारी करने की वजह से छात्रों को एडमिशन के लिए भटकना पड़ता है। पहले निजी विवि बीटेक के दाखिले कर लेते हैं। इस वजह से परेशान छात्र ज्यादा शुल्क के साथ पढ़ने को मजबूर होता है। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज लंबे समय से अलग प्रवेश परीक्षा कराने की मांग करते आ रहे हैं।