उत्तराखंड: बीएड सत्र पर संकट, 8 हजार सीटों पर दाखिले लटके
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गढ़वाल विवि ने दो महीने पहले बीएड की प्रवेश परीक्षा कराई थी। करीब छह हजार बीएड सीटों पर दाखिले के लिए हुई परीक्षा का परिणाम विवि ने अब तक जारी नहीं किया है। इस बार कॉलेजों में नए सिरे से दो वर्षीय बीएड सीटों का निर्धारण होना था। इसके लिए विवि ने सभी कॉलेजों में निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन कई कालेज ऐसे हैं, जिन्होंने निरीक्षण नहीं कराया।
विवि के मुताबिक इन कॉलेजों की कई साल से एफिलिएशन भी लटकी हुई है। लिहाजा, जब तक कॉलेजों की स्थिति साफ नहीं होगी, तब तक प्रवेश परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जा सकता। इस वजह से गढ़वाल विवि की करीब छह हजार बीएड सीटों पर दाखिले अटके हुए हैं।
श्रीदेव सुमन विवि में भी सीटों का पता नहीं
दूसरी ओर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि में बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद काउंसिलिंग लटकी हुई है। विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत के मुताबिक नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की नई नियमावली के तहत सीटों का निर्धारण न हो पाने की वजह से फिलहाल काउंसलिंग रोकी गई है।
यहां भी करीब दो हजार सीटों पर एडमिशन अटके हुए हैं। अगर बीएड कॉलेजों की ऐसी ही मनमानी और विवि की ऐसी ही लेटलतीफी रही तो बीएड का सत्र शून्य भी हो सकता है। इससे पहले गढ़वाल विवि एक बार सत्र शून्य घोषित कर चुका है।
इनका है कहना
कई कालेजों ने अभी तक निरीक्षण नहीं कराया है। इन कालेजों की कई साल से संबद्धता भी अटकी हुई है। हमने सभी को चेतावनी पत्र जारी कर दिया है। अभी तक 16 कालेजों ने ही निरीक्षण कराया है। कुछ कालेज ऐसे भी हैं, जिन्हें एनसीटीई ने मान्यता नहीं दी है। निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दाखिले शुरू हो पाएंगे।
-प्रो. डीएस नेगी, ओएसडी, गढ़वाल विवि
एनसीटीई की नई नियमावली के तहत अभी सीटों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। हम एनसीटीई से जानकारी मांग रहे हैं। जैसे ही सीटें निर्धारित हो जाएंगी तो हम काउंसिलिंग करा देंगे।
-डा. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि