फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   B.ed seat are vacant in colleges.

बीएड में भी इंजीनियरिंग जैसा सन्नाटा, 65% सीटें खाली

Tue, 23 Sep 2014 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 23 Sep 2014 09:24 AM IST
विज्ञापन
B.ed seat are vacant in colleges.

प्रदेश में इंजीनियरिंग के बाद बैचलर आफ एजूकेशन(बीएड) भी बुरे दौर से गुजर रहा है। जिन कॉलेजों में कभी दाखिले के लिए लंबी लाइन लगती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।

विज्ञापन


स्थिति यह है कि गढ़वाल विवि से संबद्ध कालेजों में 65 प्रतिशत सीटें खाली हैं। यही हाल श्रीदेव सुमन विवि से जुड़े कालेजों में भी है।

तीन हजार सीटें खाली
गढ़वाल विवि से संबद्ध कॉलेजों में बीएड की करीब पांच हजार सीटें हैं। गढ़वाल विवि ने अपने तीनों परिसरों के लिए काउंसिलिंग कराई तो करीब 90 प्रतिशत सीटें भर गई, लेकिन संबद्ध कॉलेजों में ऐसा नहीं हुआ। इन कॉलेजों में करीब तीन हजार सीटें खाली हैं।
विज्ञापन


दूसरी ओर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि से संबद्ध 26 बीएड कॉलेजों में सरकारी कोटे की 1320 सीटें हैं। दो सप्ताह पहले हुई काउंसिलिंग में महज 292 सीटें ही भर पाईं। विवि के कुलसचिव प्रो. एके तिवारी का कहना है कि जल्द ही दूसरे चरण की काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


रूझान हुआ कम
गढ़वाल विवि से संबद्ध कॉलेजों के संगठन एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सुनील अग्रवाल का कहना है कि गत वर्ष की तुलना में इस बार बीएड का रुझान कम है।


सभी कॉलेजों ने गढ़वाल विवि से ही एडमिशन कराने की मांग की थी लेकिन विवि केवल अपने परिसर के लिए ही काउंसिलिंग कराता है। इस वजह से उन्हें खुद ही काउंसिलिंग कर सीट भरनी पड़ती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed