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छटा बीएड का संकट, श्रीदेव सुमन विवि जल्द शुरू करेगा काउंसिलिंग
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 07 Sep 2015 12:45 PM IST
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उत्तराखंड का श्रीदेव सुमन विवि दस दिन के भीतर बीएड की काउंसिलिंग शुरू करने जा रहा है। हालांकि अभी तक कई कॉलेजों की सीटों का निर्धारण नहीं हो पाया है, लेकिन विवि का तर्क है कि जिन कॉलेजों को सीटें मिल गई हैं, उनकी काउंसिलिंग करा दी जाए।
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श्रीदेव सुमन विवि और गढ़वाल विवि की बीएड सीटों पर दाखिले अटकने का मामला अमर उजाला ने रविवार के अंक में ‘संकट में बीएड का सत्र’ शीर्षक से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद श्रीदेव सुमन विवि ने काउंसिलिंग शुरू कराने का फैसला किया।
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विवि के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ने बताया कि वह दस दिन के भीतर काउंसिलिंग शुरू कराने जा रहे हैं। ऑनलाइन बीएड काउंसिलिंग का शेड्यूल तैयार किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि बीएड की जिन कॉलेजों की काउंसिलिंग के दिन तक जितनी सीटें निर्धारित हो जाएंगी, उसी हिसाब से सीट अलॉटमेंट कर दिया जाएगा। काउंसिलिंग का शेड्यूल जल्द ही वेबसाइट www.sdsuv.ac.in पर जारी कर दिया जाएगा।
दो साल का हुआ बीएड, शुल्क तय नहीं
गढ़वाल विवि और श्रीदेव सुमन विवि के संबद्ध बीएड कॉलेजों में नए सत्र के बीएड दाखिले अटके हुए हैं। इस बीच कॉलेजों को इस बात की चिंता भी है कि दाखिले शुरू होंगे तो वह क्या फीस लेंगे। चूंकि अभी तक एक साल के बीएड का शुल्क सरकार ने निर्धारित किया हुआ था।
गढ़वाल विवि और श्रीदेव सुमन विवि के संबद्ध बीएड कॉलेजों में एक वर्षीय बीएड कोर्स का शुल्क 45 हजार रुपए वार्षिक था। इस साल से बीएड का पाठ्यक्रम दो वर्ष का हो गया है। ऐसे में छात्रों और कालेजों को इस बात की चिंता है कि अगर नया शुल्क क्या होगा?
बीएड परीक्षा पास करने वाले छात्र मोहित रावत का कहना है कि अब तक दो साल के बीएड का शुल्क निर्धारित न होने की वजह से उन्हें शुल्क जमा करते वक्त परेशानी होगी। क्योंकि वह पहले से शुल्क का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
कई कॉलेज संचालकों को भी इस बात की चिंता है कि अगर एडमिशन शुरू हो गए तो वह किस शुल्क पर छात्रों को दाखिला देंगे।
हालांकि अभी कॉलेज यह योजना बना रहे हैं कि चूंकि दो वर्षीय बीएड के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा तैयार करना पड़ा है, लिहाजा कम से कम दो वर्ष के बीएड का शुल्क 90 हजार रुपए हो। मामला अभी शासन में है। शुल्क वहीं से तय होगा कि कितना होना चाहिए। गढ़वाल विवि के ओएसडी डॉ. डीएस नेगी के मुताबिक शुल्क को लेकर जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।
इसलिए होगा शुल्क में बदलाव
गत वर्ष तक एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फोर टीचर एजूकेशन) ने बीएड की अवधि एक वर्ष की हुई थी। सरकार ने भी एक वर्ष का शुल्क तय किया हुआ था। इस साल से एनसीटीई ने नई नियमावली लागू की है। इसके तहत अब बीएड की अवधि दो वर्ष होगी।
दो वर्षीय बीएड कोर्स गढ़वाल विवि और श्रीदेव सुमन विवि लागू कर चुके हैं। इनकी सीटों का निर्धारण करने की प्रक्रिया चल रही है। गत वर्ष तक 100 बीएड सीटों की एक यूनिट होती थी, जो अब घटाकर 50 बीएड सीटों की यूनिट कर दी गई है। ऐसे में जिस कॉलेज को 100 बीएड सीटें चाहिए होंगी, वहां दो यूनिट का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना होगा। इससे खर्च में बढ़ोतरी हो जाएगी।
उच्च स्तरीय शुल्क समिति बीएड के शुल्क का निर्धारण करेगी। जब तक यह निर्धारण नहीं होता, तब तक हम पहले साल का शुल्क गत वर्ष जितना ही जारी रखेंगे।
- डॉ. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि
शुल्क को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं है। विवि और शासन को दो वर्षीय बीएड को चलाने के लिए जल्द से जल्द शुल्क निर्धारित करना चाहिए। इससे हमें दाखिले लेने में आसानी होगी।
- चौधरी दरियाव सिंह, बीएड कॉलेज संचालक