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अब एक नहीं दो साल के होंगे बीएड और एमएड

Tue, 23 Sep 2014 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Tue, 23 Sep 2014 09:19 AM IST
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b.ed and m.ed will be two year course.

वर्ष 2015 से सभी विश्वविद्यालयों में बीएड और एमएड पाठ्यक्रम दो वर्ष का होगा। अभी तक ये पाठ्यक्रम एक वर्ष के थे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एनसीईटी, यूजीसी तकनीकी शिक्षा के अधिकारियों और विभिन्न विवि के कुलपतियों की विज्ञान भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

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दिल्ली में लिया गया फैसला
15 सितंबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने एनसीईटी के निदेशक, यूजीसी चेयरमैन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव, तकनीकी शिक्षा के सचिव और विभिन्न विवि के कुलपतियों की बैठक ली।
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बैठक में शामिल होकर लौटे गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. एलजे सिंह ने कहा कि बैठक में बीएड और एमएड पाठ्यक्रम की समयावधि पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि वर्ष 2015 से बीएड और एमएड पाठ्यक्रम दो वर्ष का होगा।
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उन्होंने बताया कि बैठक में लिए गए इस निर्णय को गढ़वाल विवि की विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसलिंग) में रखने के बाद लागू किया जाएगा। अभी तक इन दोनों पाठ्यक्रमों की समयावधि एक वर्ष है।


घट सकती है छात्र संख्या
बीएड और एमएमड पाठ्यक्रम पहले से ही छात्रों की कमी झेल रहे हैं। वर्ष 2014 के बीएड सत्र में गढ़वाल विवि की तीनों परिसरों की आधे से अधिक सीटं खाली हैं।

विवि प्रशासन का कहना है कि बीएड के बाद रोजगार के कम अवसर और अधिक औपचारिकताएं होने से छात्रों का  रुझान बीएड की ओर कम हुआ है। बीएड और एमएड पाठ्यक्रम की समयावधि दो वर्ष होने पर छात्र संख्या और घट सकती है।

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