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क्यों बीएड और एमएड प्रवेश नहीं ले रहे छात्र

Mon, 04 Aug 2014 03:38 PM IST
Updated Mon, 04 Aug 2014 03:38 PM IST
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B.Ed. and M.Ed. number of students dwindled!

टेरेटरी जूरीसडिक्शन यानी प्रदेश के बाहर के छात्र अब इक्डोल से बीएड/एमएड नहीं कर सकते हैं। यह भी कम आवेदन की मुख्य वजह मानी जा रही है। आवेदन कम होने का यदि यही क्रम जारी रहा तो विश्वविद्यालय को आने वाले वर्षों में ये दोनों कोर्स बंद करने पड़ सकते हैं।

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विवि ने निजी बीएड कॉलेजों को एमएड कोर्स चलाने को अनुमति दी है तो छात्र अब दूरवर्ती शिक्षण संस्थान के बजाय निजी संस्थानों से रेगुलर कोर्स करने में अधिक रुचि ले रहे हैं। समय रहते छात्रों की संख्या बढ़ाने को रास्ता न निकाला तो इक्डोल से ये दोनों कोर्स बंद भी करने पड़ सकते हैं।
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एक समय था जब इक्डोल से बीएड और एमएड करने को देश भर से हजारों आवेदन आते थे। उधर, इक्डोल के निदेशक प्रो. रमेश कौंडल ने माना कि बहुत कम आवेदन आए हैं। तिथि बढ़ाई जा रही है।
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