{"_id":"06559b6779d2dc9127198ec7422dcf24","slug":"ayusi-is-the-student-of-the-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो आयुषी है असली ‘स्टूडेंट आफ द ईयर’","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
...तो आयुषी है असली ‘स्टूडेंट आफ द ईयर’
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 27 Oct 2013 12:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेल्हम गर्ल्स स्कूल के 56वें स्थापना दिवस समारोह के समापन पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। ‘स्टूडेंट आफ द ईयर’ का खिताब आयुषी के नाम रहा।
विज्ञापन
स्थापना दिवस के अंतिम दिन सबसे पहले प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। छात्राओं की बनाई कलाकृतियों ने सबका मन मोह लिया। खासतौर पर वाटर पेंटिंग आकर्षण का केंद्र रही।
विज्ञापन
शशि थरूर ने प्रदर्शनी का मुआयना किया
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने भी प्रदर्शनी का मुआयना किया। छात्राओं ने उनसे राजनीति, शिक्षा और विदेशी मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया। शाम को आयोजित मुख्य समारोह में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के सदस्य और केंद्रीय राज्य मंत्री शशि थरूर भी शामिल हुए।
विज्ञापन
मुकाम हासिल किया
समारोह में 25 वर्ष से अधिक सेवा देने पर अकाउंट मैनेजर जेपी डंगवाल, मैटेरन कृष्णा गुरुंग, आया लक्ष्मी और रसोईये रूप सिंह को सम्मानित किया गया। वार्षिक रिपोर्ट पढ़ते हुए प्रिंसिपल ज्योत्स्ना ब्रार ने बताया कि स्कूल के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में इस वर्ष पद्मश्री गौरी ईश्वरन और चार्टर्ड अकाउंटेंट रोहित भसीन बतौर सदस्य शामिल हुए हैं।
स्कूल ने एजूकेशन वर्ल्ड मैगजीन के सर्वे के मुताबिक देश के शीर्ष बोर्डिंग छात्रा विद्यालय की श्रेणी में मुकाम हासिल किया है। इस मौके पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष रवि वीर गुप्ता, वेल्हम ब्वायज की प्रिंसिपल गुनमीत बिंद्रा, दून स्कूल के हेडमास्टर पीटर मैकलॉग्लिन आदि मौजूद रहे।
आगे बढ़ने के लिए शिक्षा जरूरी
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा कि महिलाओं की अशिक्षा उनके पिछड़ेपन की मुख्य वजह है। आज भी शहरी क्षेत्रों में 30 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में महज आठ फीसदी ही महिलाएं ऐसी हैं, जो उच्च शिक्षा लेती हैं। उन्होंने दिल्ली गैंगरेप की ओर इशारा करते हुए कहा कि लाख कोशिशों के बावजूद आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
शशि थरूर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के मुताबिक ‘ईच वन, टीच वन’ की तर्ज पर हमें बालिकाओं की शिक्षा पर फोकस करना होगा। घटते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल देश के लिए यह बड़ी समस्या साबित होगी।
मंच पर तोड़ा कानून
अपने भाषण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री शशि थरूर एक बड़ी चूक कर गए। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए जैसे ही दिल्ली गैंगरेप की बात उठाई तो पीड़ित युवती का असली नाम भी बोल दिया। जानकारों के अनुसार कानूनन सार्वजनिक कार्यक्रम में बलात्कार पीड़ित का नाम इस तरह उजागर नहीं किया जा सकता।