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अजब-गजब तरीकों से स्कूल रहे लूट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 13 Apr 2014 11:22 AM IST
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देहरादून में पब्लिक स्कूलों ने कमाई के लिए अजब-गजब तरीके ईजाद किए हैं। कुछ डायरी के दाम बढ़ा रहे हैं तो एक स्कूल ने कैलेंडर से ही कमाई का रास्ता निकाल लिया है।
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खुद दाम तय कर रहे स्कूल
एक स्कूल किताब के दामों पर काली स्केच कर खुद दाम तय कर रहा है। विकासनगर स्थित सैपियंस स्कूल के अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने पहले से डायरी दे रखी है। इस पर पूरा कैलेंडर भी छपा है।
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फिर भी इस वर्ष 50-50 रुपए का कैलेंडर हर छात्र को जबरन थमाया जा रहा है। इस आम कैलेंडर की कीमत बमुश्किल पांच रुपये होगी। कारमन स्कूल प्रेमनगर से एक अभिभावक ने शिकायत की कि बच्चे का 31 मार्च 2014 को रिजल्ट आया।
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उसी दिन स्कूल को सूचना दी कि वह टीसी चाहते हैं। कक्षा छह की टीसी के लिए स्कूल एक माह की फीस मांग रहा है, जबकि आरटीई के तहत स्कूल ऐसा शुल्क नहीं वसूल सकता है।
आरडी मेमोरियल स्कूल दीपनगर के अभिभावक ने शिकायत की कि स्कूल में खुलेआम किताबें बेची जा रही हैं। उन पर दर्ज कीमत स्कूल ने काले स्केच से रंग दिया है। यहां 50 वाली किताब पर 90 रुपए लिखकर बेचा जा रहा है।
बुक सेलर के भी नखरे
हिमालय पब्लिक स्कूल कारगी के अभिभावकों ने शिकायत की है कि स्कूल ने किताबों की लिस्ट की जगह सिर्फ बुक सेलर का पता थमा दिया है।
उसके पास जाने पर वह दो-दो दिन चक्कर कटवा रहा है। कॉपियां लेने से मना करने पर बुक सेलर बदसलूकी पर उतर आता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में किताबों की लिस्ट दी जाए।