स्कूलों में इस बार अलग तरीके से कटेगी आपकी जेब
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देहरादून के पब्लिक स्कूलों की मनमानी एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। कहीं फीस में बढ़ोत्तरी कर दी गई है तो कहीं ड्रेस ही बदल दी गई है।
यही नहीं पुस्तकें खरीदने के लिए बुक स्टॉल तय कर दिए गए हैं। इसके अलावा भी कई स्कूल कई और तरीकों से अभिभावकों की जेब काट रहे हैं।
एक अभिभावक ने बताया कि उनके बच्चे का दाखिला गत वर्ष हुआ था, लेकिन इस वर्ष फिर उनसे पूरी एडमिशन फीस ली जा रही है।
स्कूल ने किताबों की लिस्ट थमा दी
एक नामी स्कूल के अभिभावक ने बताया कि स्कूल ने उन्हें किताबों की लिस्ट थमा दी है। किताबें खरीदने के लिए बुक स्टॉल का नाम भी बताया गया है। वहां गए तो दुकानदार ने सीधे एक बंडल उठाकर दे दिया गया।
इस बुक स्टॉल पर प्रिंट रेट के अनुसार कीमत वसूली जा रही है। जबकि, अन्य दुकानों में डिस्काउंट मिल जाता है। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि स्कूल ने इस साल ने फीस काफी बढ़ा दी है।
ऐसे कर रहे कमाई
- शुल्क में निर्धारित से ज्यादा बढ़ोत्तरी कर दी गई है।
- किताबें बदली जा रही हैं। गत वर्ष की किताबें इस वर्ष नहीं चलेंगी।
- यूनिफार्म में भी बदलाव किए गए हैं।
- कुछ स्कूल पंजीकरण शुल्क के नाम पर ही मोटी कमाई कर रहे हैं।
हमने जिला प्रशासन को चेतावनी दे दी है। यदि जल्द ही मनमानी पर लगाम न लगाई गई तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे।
- नीरज सिंघल, आल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन
नोटिस पर नोटिस, नतीजा शून्य
स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के मकसद से जिला प्रशासन दो बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन नतीजा शून्य रहा। कई बार सख्त नियमावली भी जारी की गई, लेकिन यह भी बेअसर रही।
गत वर्ष जिला प्रशासन ने 60 स्कूलों को मनमानी पर नोटिस जारी किया था। लेकिन, स्कूलों ने इसका जवाब तक नहीं दिया।
इस वर्ष फिर दबाव बनाया गया तो जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों से आठ दिन के भीतर ब्यौरा तलब किया। लेकिन, इस बार भी स्कूलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जबरन कलर-किताबें खरीदवाई तो मुकदमा
अगर स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से यूनिफार्म, किताबें, कापियां आदि खरीदने के लिए बाध्य किया तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इसके अलावा किताबों के साथ बुक कवर, कलर, स्लेट आदि खरीदने के लिए अभिभावकों से जबरदस्ती की तो पुस्तक विक्रेताओं की शामत है। अभिभावकों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत ने यह आदेश जारी किया है।
सिटी मजिस्ट्रेट गुणवंत ने बताया कि थाना कोतवाली, पटेलनगर, बसंत विहार, राजपुर कैंट, डालनवाला, नेहरू कालोनी क्षेत्र में यह प्रतिबंध लागू किया गया है। यह आदेश 29 मई तक प्रभावी रहेगा।
हमसे साझा करें अपना दर्द
यदि पब्लिक स्कूलों की मनमानी से आप परेशान हैं तो अपनी शिकायत हमसे साझा कर सकते हैं। हमारे हेल्पलाइन नंबर 8392922180 पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आप कॉल कर सकते हैं।
आपकी पहचान छिपाकर रखी जाएगी। इसके अलावा हमारे ईमेल आईडी editor@ddn.amarujala.com पर भी शिकायत भेज सकते हैं।