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अब एक क्लिक में पता चलेगा डिग्री असली है या नकली
Updated Wed, 13 Jan 2016 04:50 PM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की डिग्री का सत्यापन अब कहीं से भी एक क्लिक पर किया जा सकेगा। आगामी दीक्षांत समारोह से विवि अपनी डिग्री में क्यूआर (क्विक रिस्पॉन्स) कोड का फीचर शामिल कर रहा है।
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23 जनवरी को होने वाले दीक्षांत से इसी डिग्री का वितरण किया जाएगा। इस कोड की खासियत यह है कि यदि छात्र-छात्राएं विवि की डिग्री को किसी कम्पनी में या नौकरी के लिए लगाते हैं तो उस पर पड़े कोड से यह देखा जा सकता है कि वह असली है या नहीं।
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वर्तमान में किसी को भी डिग्री का सत्यापन कराने के लिए इसे विश्वविद्यालय भेजना होता है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने में 15 दिन से एक महीना या इससे भी अधिक समय तक लग जाता है।
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नहीं देना पड़ेगा सत्यापन शुल्क
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि पहले भी डिग्री पर क्यूआर कोड की व्यवस्था तो थी, लेकिन वह कैमरे से डिटेक्ट नहीं होता था। अब उसे सही कराया गया है।
इस कोड को स्कैनर या मोबाइल कैमरे की सहायता तक से स्कैन किया जा सकता है। विवि स्टूडेंट्स का पूरा डाटा क्लाउड कम्प्यूटिंग पर कर रहा है।
क्यूआर कोड स्टूडेंट के एनरोलमेंट नंबर से जुड़ा होगा। जब कोई क्यूआर कोड को स्कैन करेगा तो वह एक यूआरएल के माध्यम से सीधा विवि की वेबसाइट पर ले जाकर यह बता देगा कि वह डिग्री विवि से जारी है या नहीं।
क्यू आर कोड से और भी फायदे हैं। जैसे अभी एक डिग्री के सत्यापन में 100 रुपये देने होते हैं, लेकिन खुद सत्यापन की सुविधा होने के बाद कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा विवि पर भी सत्यापन के लिए प्रति माह आने वाले ढेरों डिग्री केा जांचने में जो समय और मैन पावर खर्च होता है वह बचेगी।
इस कोड को स्कैनर या मोबाइल कैमरे की सहायता तक से स्कैन किया जा सकता है। विवि स्टूडेंट्स का पूरा डाटा क्लाउड कम्प्यूटिंग पर कर रहा है।
क्यूआर कोड स्टूडेंट के एनरोलमेंट नंबर से जुड़ा होगा। जब कोई क्यूआर कोड को स्कैन करेगा तो वह एक यूआरएल के माध्यम से सीधा विवि की वेबसाइट पर ले जाकर यह बता देगा कि वह डिग्री विवि से जारी है या नहीं।
क्यू आर कोड से और भी फायदे हैं। जैसे अभी एक डिग्री के सत्यापन में 100 रुपये देने होते हैं, लेकिन खुद सत्यापन की सुविधा होने के बाद कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा विवि पर भी सत्यापन के लिए प्रति माह आने वाले ढेरों डिग्री केा जांचने में जो समय और मैन पावर खर्च होता है वह बचेगी।