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JEE Mains: इन प्रश्नों से निकलेगा सभी परेशानियों का हल

Mon, 30 Mar 2015 12:29 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Mar 2015 12:29 PM IST
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amar ujala helpline for jee mains.

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन(जेईई) मेंस से ठीक पहले अभ्यर्थियों में परीक्षा को लेकर घबराहट है। कोई केमिस्ट्री की अधूरी तैयारी से परेशान है तो कोई फिजिक्स में गोल-गोल घूम रहा है।

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कई छात्र गणित के फॉर्मूलों में उलझ गए हैं। रविवार को अमर उजाला हेल्पलाइन में प्रदेशभर से ऐसे सवालों की बौछार देखने को मिली। अमर उजाला कार्यालय में पहुंचे विशेषज्ञ डीके मिश्रा(फिजिक्स), वैभव राय(केमिस्ट्री) और मनु पंत(मैथ्स) ने सभी सवालों के जवाब दिए।
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विशेषज्ञों ने साफ किया है कि परीक्षा से ठीक पहले घबराने के बजाय एकाग्र होने की जरूरत है। परेशान होने के बजाय आत्मविश्वास बनाए रखें और केवल उन टॉपिक्स पर फोकस करें जो पहले से पढ़े हुए हैं। परीक्षा के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना भी जरूरी है।
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ऑफलाइन परीक्षा चार अप्रैल और ऑनलाइन परीक्षा 10 व 11 अप्रैल को होगी। इसलिए ज्यादातर सवाल कम वक्त में तैयारी से संबंधित थे। विशेषज्ञों ने न केवल विषयवार प्रश्नों के जवाब दिए बल्कि ऑनलाइन व ऑफलाइन परीक्षा की बारीकियां भी बताई।

सवाल : परीक्षा बेहद नजदीक है। ऐसे वक्त में विषयवार तैयारी कैसे करें? - मोहित, भीमताल
जवाब : जेईई मेंस में अब बेहद कम वक्त बचा है। परीक्षा में 12वीं के सिलेबस पर आधारित सवाल ही पूछे जाते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स तीनों विषयों में 12वीं के सिलेबस को अच्छी तरह से रिवाइज कर लें। सवाल यहीं से पूछे जाने हैं, बस सवाल थोड़े ट्रिकी होते हैं, जिन्हें समझने की जरूरत है।

सवाल : मैं एसटी वर्ग से हूं। जेईई मेंस में क्वालिफाई करने के लिए विषयवार कितने अंक लाने अनिवार्य हैं? - सचिन, विकासनगर
जवाब : जेईई मेंस परीक्षा में क्वालिफाई करने के लिए विषयवार अंकों की अनिवार्यता नहीं है। इसलिए किसी भी विषय में कितने भी अंक आ जाएं, अगर योग क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में आ रहा है तो आप क्वालिफाई हैं। केवल आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा में विषयवार अंकों की अनिवार्यता है।

सवाल : मैं 11 अप्रैल को होने वाली ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होने जा रहा हूं। क्या चार अप्रैल को होने वाली ऑफलाइन परीक्षा के प्रश्नपत्र से इसकी तैयारी और पैटर्न में सहायता मिल सकती है? - अक्षय, उत्तरकाशी
जवाब : बिल्कुल, परीक्षा के तरीके में अंतर है। छात्र को जिस पैटर्न पर ऑफलाइन प्रश्न पत्र मिलेगा, ठीक उसी पैटर्न पर ऑनलाइन परीक्षा भी होगी। ऑनलाइन परीक्षा का तरीका जानने के लिए जेईई मेंस की वेबसाइट पर मॉक टेस्ट उपलब्ध है। एक बार उससे प्रैक्टिस जरूर कर लें।

सवाल : मैं उत्तराखंड बोर्ड का छात्र हूं। इस बात को लेकर घबराहट है कि अगर जेईई मेंस का पेपर अंग्रेजी में आ गया तो कैसे हल कर पाऊंगा? - अंकित, चमोली
जवाब : जेईई मेंस का पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आता है। ऑफलाइन परीक्षा में अगर आपने हिंदी विकल्प भरा होगा तो आपको यह पेपर दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा। ऑनलाइन परीक्षा में यह भी फायदा है कि वहां किसी भी प्रश्न को हिंदी या अंग्रेजी भाषा में अपनी सहूलियत के हिसाब से पढ़ सकते हैं।

सवाल : मेरी बेटी ने गत वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की थी। उसने इस साल इंप्रूवमेंट का फॉर्म भरा लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई। उसे जेईई मेंस परीक्षा में क्या दस्तावेज लेकर जाने होंगे? - राजेंद्र सिंह, कोटद्वार
जवाब : अगर आपकी बेटी ने इंप्रूवमेंट परीक्षा का फॉर्म भरा था और इसकी जानकारी जेईई मेंस के आवेदन पत्र में दी थी तो उसने परीक्षा दी हो या नहीं, इंप्रूवमेंट परीक्षा का एडमिट कार्ड भी साथ ले जाना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने गत वर्ष 12वीं की है और इस साल इंप्रूवमेंट नहीं भरा है, उन्हें अपनी 12वीं की अंकतालिका साथ ले जानी होगी।

सवाल : अगर बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक आएं और जेईई मेंस में 100 तक अंक आ जाएं तो क्या अच्छा इंजीनियरिंग कॉलेज मिल सकता है? - स्वाति कश्यप, काशीपुर
जवाब : देखिए, जेईई मेंस परीक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए दो रास्ते खुलते हैं। पहला रास्ता तो जेईई एडवांस का है, जिसके लिए बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। दूसरा रास्ता, कॉमन मेरिट लिस्ट (सीएमएल) का है, जिसमें जेईई मेंस के 60 प्रतिशत और बोर्ड परीक्षा के 40 प्रतिशत अंक जोड़कर एक मेरिट तैयार होती है। इस लिहाज से देखें तो 100 अंक पर्याप्त नहीं होंगे। अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज तक जाने के लिए कम से कम 150 स्कोर करना होगा।

सवाल : सर, टाइम कम बचा है और केमिस्ट्री के न्यूमैरिकल्स हल नहीं हो पा रहे हैं। कहीं मैं फेल तो नहीं हो जाऊंगा? - शुभम, देहरादून
जवाब : आप बिल्कुल मत घबराइए। केमिस्ट्री काफी स्कोरिंग सब्जेक्ट है। अगर न्यूमैरिकल्स नहीं भी कर पा रहे हैं तो थ्योरी पर ही ध्यान लगाएं। अब अंतिम समय में नए टॉपिक्स और प्रश्न आपकी परेशानी बढ़ा देंगे। बेहतर होगा कि आप थ्योरी पर फोकस करते हुए तैयारी करें। खासतौर से बेसिक कांसेप्ट, पिरियोडिक टेबल जैसे विषय बेहतर साबित हो सकते हैं।

सवाल : मुझे एनआईटी में दाखिला लेना है। कृपया इसका तरीका बताएं? - अंकित नैनवाल, श्रीनगर

जवाब : जेईई मेंस परीक्षा से ही एनआईटी में दाखिला होता है। इस परीक्षा से बनने वाली सीएमएल के आधार पर काउंसिलिंग होती है, जिससे एनआईटी में दाखिला मिलता है। उत्तराखंड के इंजीनियरिंग कालेजों में भी उत्तराखंड तकनीकी विवि की ओर से होने वाली काउंसिलिंग से प्रवेश मिलता है।

सवाल : मुझे फिजिक्स में तैयारी करने में बहुत परेशानी हो रही है। कुछ आसान तरीका सुझाएं? - कमल राणा, डाकपत्थर
जवाब : फिजिक्स को लेकर ज्यादा घबराएं नहीं। इसमें अगर एकाग्रता से तैयारी की तो यह अच्छा स्कोरिंग साबित हो सकता है। 12वीं के फिजिक्स के सिलेबस पर ध्यान लगाएं। 11वीं में ग्रेविटेशन, यूनिट्स एंड मेजरमेंट, हीट एंड थर्मोडायनामिक्स काफी काम के साबित हो सकते हैं। नए टॉपिक्स पर हाथ न लगाएं, जो पढ़ा हुआ है, उसे ज्यादा रिवाइज करें तो फायदा होगा।

सवाल : सर, काफी कम टाइम बचा है। मैथ्स में बड़ी परेशानी है। इसकी तैयारी कैसे फायदेमंद हो सकती है? - नवीन रावत, उत्तरकाशी
जवाब : मैथ्स में सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी मजबूतियों को पहचानें। जिन टॉपिक्स पर आपकी अच्छी पकड़ है, उन पर ज्यादा फोकस करें। लिमिट, परम्यूटेशन एंड कांबिनेशन, मैथमेटिकल रीजनिंग आदि फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

सवाल : सर परीक्षा के लिए काफी दूर केंद्र मिला है। अगर इतनी दूर जाने में देरी हो गई तो क्या एंट्री मिल जाएगी? - निकिता, देहरादून
जवाब : जेईई मेंस परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होनी है। ठीक नौ बजे सभी परीक्षा केंद्रों के दरवाजे खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 9:30 तक एंट्री दी जाएगी। अगर अभ्यर्थी इसके बाद आते हैं तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी। इसलिए इस बात का ख्याल रखें कि परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंच जाएं।

जेईई मेंस में फिजिक्स की तैयारी को लेकर ज्यादा न घबराएं। यहां अंतिम समय में कुछ यूनिट काफी फायदेमंद हो सकती हैं। जैसे-ग्रेविटेशन, यूनिट एंड मिजरमेंट, थर्मोडायनामिक्स, वर्क एनर्जी, करेंट, इलेक्ट्रीसिटी, ईएमआई और एसी, मॉर्डन फिजिक्स काफी अहम हैं। इन टॉपिक्स में से कम से कम 60 प्रतिशत सवाल पूछे जाएंगे। यानी अगर इन पर फोकस सवालों को सही तरीके से हल कर लिया जाए तो निश्चित तौर पर 70 से 72 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। बाकी अंक केमिस्ट्री और मैथ्स से मिलाकर जेईई मेंस में बेड़ापार हो जाएगा।

- डीके मिश्रा, फिजिक्स विशेषज्ञ एवं निदेशक अविरल क्लासेज

केमिस्ट्री की मिस्ट्री सुलझाने के लिए जरूरी है कि आप बेसिक्स पर ध्यान दें। यह सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय माना जाता है। इसमें बेसिक कांसेप्ट, पिरियोडिक प्रॉपर्टीज, केमिकल बांडिंग, इक्विलिबिरियम, आइसोमेरिज्म, जनरल ऑर्गेनिक केमिस्ट्री को अगर बेहर तरीके से तैयार कर लिया जाए तो इसमें से कम से कम 70 प्रतिशत सवाल आ जाते हैं। केमिस्ट्री में एक बात का और खास ख्याल रखना चाहिए कि पहले प्रश्न को पूरा पढ़ें और फिर इसको हल करें। कई बार छात्र जल्दबाजी में प्रश्न बिना पढ़े ही जवाब भर देते हैं। इससे जवाब गलत होने की आशंका बढ़ जाती है।
- वैभव राय, कैमिस्ट्री विशेषज्ञ एवं एमडी वीआर क्लासेज

गणित की तैयारी करने वाले छात्रों को खास सतर्क रहने की जरूरत है। सबसे पहले तो सवालों को हल करने के लिए फार्मूले याद होने चाहिए। इससे जेईई मेंस में आने वाले घुमावदार सवालों को हल करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा अंतिम समय में लिमिट, परम्यूटेशन एंड कांबिनेशन, मैथमेटिकल रीजनिंग, फंक्शन थ्योरी काफी काम की साबित हो सकती है। इसमें ग्राफ से तैयारी करेंगे तो राह और आसान हो जाएगी। इस बात का खास ख्याल रखें कि सही जवाब पर चार अंक हैं तो गलत जवाब लिखने पर एक अंक काट भी लिया जाता है। इसलिए अगर किसी प्रश्न का हल नहीं आता हो तो उसे छोड़ना बेहतर होगा, इससे नेगेटिव मार्किंग का नुकसान नहीं होगा।
- मनु पंत, मैथ्स विशेषज्ञ एवं सीईओ अचीवर्ज क्लासेज

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