{"_id":"198aee2a4e41335877fb1a14a10b5197","slug":"amar-ujala-atul-maheshwari-scholarship-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवा करोड़ की स्कॉलरशिप से अमेरिका में पढ़ेगी सान्या","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
सवा करोड़ की स्कॉलरशिप से अमेरिका में पढ़ेगी सान्या
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 15 Jul 2014 02:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-38 स्थित शहर के प्रतिष्ठित विवेक हाई स्कूल से 12वीं पास करने वाली छात्रा सान्या को अमेरिका स्थित दुनिया के टॉप बिजनेस कालेज व्हार्टन बिजनेस स्कूल(अमेरिका) से पढ़ाई करने का मौका मिला है।
विज्ञापन
चार साल की डुअल डिग्री का खर्च करीब सवा करोड़ आता है, लेकिन स्कूल स्तर पर बेहतरीन एकेडमिक और ऑलराउंडर प्रदर्शन के कारण सान्या को प्रतिष्ठित ह्ट्समैन प्रोग्राम के तहत फुल डिग्री स्कॉलरशिप मिली है। दुनिया भर से सिर्फ 15 और भारत से अकेले सान्या यह स्कॉलरशिप पाने वाली चंडीगढ़ की होनहार छात्रा है।
विज्ञापन
सान्या अभी दुनिया के टॉप बैंकों में शुमार जेपी मोरेगन बैंक में इंटरनशिप कर रही हैं। सान्या को व्हार्टन बिजनेस स्कूल की यह स्कॉलरशिप 2012 में मिली थी।
विज्ञापन
अगस्त में सान्या को अगले सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए फ्रांस के लियोन के लिए चुना गया है। सान्या के पिता डा.पुंडरीक ओझा जीसीजी-11 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और मां किरण जीसी-11 में पालिटिकल साइंस की एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
33 लाख पढ़ाई का खर्च प्रतिवर्ष खर्च
अमेरिका के व्हार्टन बिजनेस स्कूल से सान्या इंटरनेशनल स्टडीज एड बिजनेस की डुअल डिग्री (दो डिग्री एक साथ) कर रही हैं। पिता डा.पुंडरीक ने बताया कि स्कॉलरशिप की राशि प्रतिवर्ष 59,600 डालर (33 लाख) है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रोग्राम से लिए बेटी को 40,150 डालर की आदित्य और मेघा मित्तल (लक्ष्मीनिवास मित्तल के बेटे और बहू) स्कॉलरशिप के साथ ही दो 4-4 हजार डॉलर का केश अवार्ड भी बेटी को मिला है।
सान्या को द ग्लोबल एजूकेशन एंड लीडरशिप फाउंडेशन (गुड़गांव) ने 10 हजार डॉलर की स्कॉलरशिप से सान्या के विदेश में पढ़ने का सपना पुरा हो गया। डा.ओझा ने बताया कि इस हंट्समैन प्रोग्राम के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए विद्यार्थी को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ता है।
पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे का स्कूल की हर तरह की गतिविधियों में बेहतरीन प्रदर्शन देखा जाता है। स्कूल टीचर्स की रिकमेंडेशन सर्टिफिकेट भी जरूरी है।
सान्या हर फील्ड की टॉपर
परिवार की इकलौटी बेटी सान्या शुरू से ही ऑलराउंडर स्टूडेंट रही हैं। छह साल तक इन्हें विवेक हाई स्कूल में मेरिट स्कॉलरशिप मिली है। इन्हें स्कूल कैप्टन, ऑल राउंडर बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड, विवेक हाई स्कूल एमयूएन-2010(सेक्रेटरी जनरल पद), डिबेट टीम की प्रेसिडेंट, इम्पैक्ट क्लब फाउंडर मेंबर, जूनियर अचीवमेंट स्टूडेंट कंपनी (डायरेक्टर) के अलावा फ्रांस में छह हफ्ते का लैंग्वेज प्रोग्राम भी अटेंड किया है।
डा.ओझा ने बताया कि विदेशी यूनिवर्सिटी हमेशा ऑलराउंडर स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप में प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि स्कॉलरशिप से पहले कई ऑनलाइन टेस्ट भी बेटी ने क्लीयर किए।
गरीब और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए अमर उजाला द्वारा शुरू अतुल माहेश्वरी छात्रवृति एक अच्छा प्रयास है। मेरा मानना है कि स्कॉलरशिप अधिक से अधिक जरूरतमंद बेटियों को दी जाए। बेटियों के प्रति समाज का नजरिया काफी सकारात्मक हो रहा है। हमें अपनी बेटी पर नाज है।
डा.पुंडरीक ओझा (एसोसिएट प्रोफेसर जीसीजी-11 और सान्या के पिता)