‘देश के सभी पुस्तकालय हों डिजिटल’

सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Mon, 25 Nov 2013 01:49 AM IST
विज्ञापन
all libraries will be digital

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
आज का युग डिजिटल लाइब्रेरी का युग है। ऐसे में पुस्तकालयों को भी डिजिटल होने की जरूरत है। डिजिटल लाइब्रेरी से देश की सभी लाइब्रेरी एक साथ जुड़ सकेंगी।
विज्ञापन

यह कहना है उस्मानिया विवि के लाइब्रेरियन प्रो. एन लक्ष्मण राव का। प्रो. लक्ष्मण राव राजकीय पॉलीटेक्निक में ‘डवलपमेंट ऑफ अकेडमिक एंड पब्लिक लाइब्रेरी’ ट्रेंड्स एंड ईश्यूज’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे।
प्रो. लक्ष्मण राव के अनुसार डिजिटल लाइब्रेरी होने से देश के समस्त पुस्तकालय एक दूसरे से आसानी से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी आज की मांग है।
इसे पूरा करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राविधिक शिक्षा मंत्री राम सकल गुर्जर ने कहा कि आजकल निजी शिक्षण संस्थान सरकारी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता भी अच्छी है। उनके अनुसार इसका कारण सरकारी संस्थानों में शिक्षकों की कमी हो सकती है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि कमी को पूरा करने के लिए जल्द प्रयास शुरू किए जाएंगे।

प्राविधिक शिक्षा में खाली पदों को भरा जाएगा। उत्तर प्रदेश पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष प्रो. यूसी वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुस्तकालय अधिनियम को जल्द से जल्द पारित किया जाना चाहिए।

संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा मनोज कुमार ने कहा कि तकनीकी एवं शैक्षिक पुस्तकालयों के नवीनीकरण में अपनी धरोहरों को संभाल कर रखने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us