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कंटेंट चोरी के आरोपी शिक्षक को नोटिस

Wed, 25 Sep 2013 09:09 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Wed, 25 Sep 2013 09:09 AM IST
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कंटेंट चोरी कर प्रमोशन पाने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के

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शिक्षक डॉ. नीरज कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उनसे 15 दिनों में जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद मसले पर अंतिम फैसला कार्यपरिषद की बैठक में लिया जाएगा। मंगलवार को भी लविवि में कार्यपरिषद की बैठक हुई और इसमें कुलपति प्रो. एसबी निमसे को डॉ. नीरज को नोटिस देने को कहा गया।


उल्लेखनीय है कि डॉ. नीरज ने रीडर पद से प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति पाने के लिए तीन किताबें व दो शोध-पत्र प्रस्तुत किए थे। डॉ. नीरज ने हावर्ड यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर अब्राहम जॉर्जमन की किताब ह्यूमन डेलीमास ऑफ रीडरशिप, जो 1965 में प्रकाशित हुई थी, से कंटेंट चुराए हैं।

कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत डॉ. नीरज ने प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति पा ली। उस समय एमबीए विभाग के प्रोफेसर जेके शर्मा ने चयन समिति में इस मुद्दे को उठाया था और बाद में जब कार्यपरिषद ने इन्हें प्रोन्नति देने का फैसला किया तो भी आपत्ति की गई।

तीन जुलाई 2012 को कार्यपरिषद ने डॉ. नीरज को प्रमोशन देते हुए कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाने के आदेश दिए। लविवि प्रशासन का कहना है कि जांच के लिए आईआईटीआर के निदेशक डॉ. केसी गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई।

इसमें एसजीपीजीआई परिसर स्थित बायो मैग्नेटिक रेजोनेंस इंस्टीट्यूट के संस्थापक सीएल खेत्रपाल व एनबीआरआई के निदेशक डॉ. सीएस नौटियाल सदस्य थे।

कमेटी ने 25 जनवरी 2013 को अपनी रिपोर्ट दी जिसमें डॉ. नीरज को साहित्यिक चोरी का दोषी माना गया। राजभवन के कड़े रुख के बाद लविवि ने कार्यपरिषद की बैठक बुलाई।

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