नहीं चलेगी निजी बीटीसी कॉलेजों की मनमानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी बीटीसी कॉलेजों की मनमानी उन पर भारी पड़ सकती है। नियमों का पालन
जिलों से ऐसे कॉलेजों की रिपोर्ट मांगी गई है। मनमानी सामने आने पर बागपत और मुरादाबाद के एक-एक कॉलेज की मान्यता खत्म करने की तैयारी है।
राज्य शैक्षिक
अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कुछ कॉलेजों की सर्वे रिपोर्ट
शासन को भेजी थी।
इनमें से दो कॉलेजों महादेव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
रामनगर बागपत और आरएसडी एकेडमी गर्ल्स डिग्री कॉलेज मुरादाबाद की मान्यता
खत्म कराने के लिए कवायद शुरू हो गई है।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील
कुमार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र भेजने की तैयारी
में हैं। इसके अलावा भी कई कॉलेज ऐसे हैं जिनकी मान्यता समाप्त कराने के
लिए एनसीटीई को पत्र लिखा जा सकता है।
शासन के सूत्रों का कहना है कि मानक
पूरा न करने वाले कॉलेजों की मान्यता समाप्त करने का अभियान चलाया जाएगा।
बीटीसी
के लिए वर्ष 2009 से निजी कॉलेजों को भी संबद्धता देने की प्रक्रिया शुरू
की गई है।
इसके लिए निजी संस्थाओं को एनसीटीई से मान्यता लेने के बाद राज्य
शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में संबद्धता के लिए
आवेदन करना होता है।
उल्लेखनीय है कि एससीईआरटी कुछ शर्तों के साथ कॉलेजों
को संबद्धता देता है। प्रदेश में मौजूदा समय 457 निजी बीटीसी कॉलेज हैं और
इसमें 22850 सीटें हैं। मान्यता लेने के बाद कई कॉलेज ऐसे हैं जो मानक पूरा
नहीं कर रहे हैं।