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इन संस्थाओं में पढ़ाई करने के बाद मिलेगा शिक्षक सहायक बनने का मौका

Wed, 20 Jan 2016 04:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 20 Jan 2016 04:44 PM IST
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aktu will provide job opportunity to students

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ व गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर लखनऊ से पीजी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को अब इन्हीं संस्थानों फेलोशिप की तरह दर्जा देते हुए शिक्षक सहायक बनने का अवसर मिलेगा।

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मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आगामी सत्र से इस योजना को लागू करने पर विचार हो रहा है।
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कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस योजना की पूरी रूपरेखा व नियमावली तैयार करने की जिम्मेदारी विवि के डीन पीजी प्रो. एचके पालीवाल को सौंपी गई है। इन दो संस्थाओं में योजना की सफलता देखने के बाद अन्य संस्थाओं में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा।
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प्रो. विनय ने बताया कि इन दोनों संस्थानों से पीजी उत्तीर्ण करने वालों को इन्हीं संस्थाओं में शिक्षक सहायक के रूप में रखा जाएगा। इस दौरान इनको स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि, इसकी दर निर्धारित होना बाकी है।

ये होंगे फायदे

aktu will provide job opportunity to students

शिक्षक सहायक के रूप में कार्य करते हुए यह लोग एकेडमिक्स को बारीकी से देखने के साथ ही शिक्षण में भी सहायता करेंगे। इनको कक्षाओं के संचालन, सिलेबस निर्माण, पेपर तैयार करना, परीक्षा कराना सहित शिक्षण से जुड़ी सभी बारीकियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

भविष्य में जो छात्र-छात्राएं एकेडमिक्स या रिसर्च में जाना चाहते होंगे उनके लिए यह अनुभव काफी लाभदायक रहेगा। इनकी नियुक्ति किस आधार पर किस प्रक्रिया के तहत होगी इसके नियम भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इस योजना से बड़ी संख्या में पीजी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा बैठक में पीजी की 400 मौखिक परीक्षाओं को केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत कराने पर भी अनुमोदन दिया गया। मालूम हो कि विवि ने हाल ही में समाप्त हुई एमटेक की परीक्षाओं में पहली बार वायवा के लिए केंद्र बनाए थे। इससे पहले वायवा उसी संस्थान में हो जाता था जहां का छात्र होता।

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