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डीयू चुनाव में अब अकाली दल भी ठोकेगा ताल
नवनीत शरण/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 26 Aug 2015 08:41 AM IST
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दिल्ली की छात्र राजनीति एक नया मोड़ लेने वाली है। डूसू चुनाव में अब अकाली भी ताल ठोंकने का ऐलान करने वाले हैं। शिरोमणी अकाली दल बादल गुट ने पंजाब, चंडीगढ़ की तरह ही दिल्ली में भी छात्र संगठन खड़ा किया है। भारतीय छात्र संगठन (एसओआई) के बैनर तले अकाली डीयू का चुनाव लड़ेंगे। छात्र राजनीति के जानकारों का कहना है कि इसका नुकसान एबीवीपी को उठाना पड़ सकता है।
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डूसू चुनाव में एनएसयूआई, एबीवीपी, सीवाईएसएस और आइसा के बीच अब अकाली भी डूसू चुनाव लड़ेंगे। अभी तक अकाली एबीवीपी के समर्थक माने जाते थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव और एमसीडी चुनाव भी अकालियों ने भाजपा के साथ गठबंधन के तहत लड़ा, लेकिन अब डूसू चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी में है।
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सूत्रों के अनुसार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तहत चलने वाले गुरुनानक देव खालसा कॉलेज, गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, गुरु गोविंद सिंह और माता सुंदरी कॉलेज में एसओआई के बैनर तले चुनाव लड़ने पर मुहर लग चुकी है। बता दें कि इन चार कॉलेजों में 20,000 के करीब छात्र हैं। बुधवार को छात्र इकाई का विधिवत रूप से ऐलान कर दिया जाएगा। सिख नेता गगनदीप सिंह को संगठन का अध्यक्ष बनाया जाएगा।
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अकाली सूत्रों का यह भी कहना है कि छात्र संगठन अपने दम पर डूसू चुनाव में भी भागीदारी निभाएगा। फिलहाल एक पद पर चुनाव लड़ेंगे और अगले साल सभी पदों पर चुनाव लड़ाया जाएगा।
माना जा रहा है कि अकालियों के छात्र संगठन खड़ा होने से एबीवीपी की मुश्किल बढ़ सकती है, क्योंकि इस बार सीवाईएसएस बड़ी चुनौती है। अगर सिख-पंजाबी छात्रों का झुकाव अकाली छात्र संगठन की तरफ होता है तो डूसू चुनाव जीतना भारी पड़ सकता है।