JNU छात्रसंघ चुनावों में फिर लाल सलाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में सेंट्रल पैनल की चारों सीटों के साथ स्कूल काउंसलर्स पद की सात सीटों पर आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ने फिर कब्जा जमाया।
हालांकि, एबीवीपी अपना वोट बैंक बढ़ाने में कामयाब रही है। भाजपा की छात्र शाखा एबीवीपी सेंट्रल पैनल की दो सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। वहीं, एसएफआई और लेफ्ट प्रोग्रेसिव एलायंस फ्रंट अपना खाता भी नहीं खोल सके।
अध्यक्ष पद पर आशुतोष, उपाध्यक्ष अनंत, महासचिव चिंटू कुमारी और संयुक्त सचिव की सीट पर शफीकत विजयी घोषित किए गए। इस बार डीएसएफ, जेएनयू एसएफआई और एआईएसएफ ने लेफ्ट प्रोग्रेसिव एलायंस फ्रंट के नाम से संयुक्त मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा।
जीते प्रत्याशियों के मन में क्या है?
छात्रों की समस्याओं को सुलझाएंगे : अनंत
जेएनयू में लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के छात्र ने जीत दर्ज की है। वर्ष 2013 के अध्यक्ष अकबर चौधरी मेरठ के रहने वाले थे तो इस बार बनारस स्थित चंदौली के अनंत प्रकाश नारायण ने जीत दर्ज की है। अनंत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और इन दिनों जेएनयू में पीएचडी कर रहे हैं। अनंत कहते हैं कि उनकी कोशिश हॉस्टल सीट, वाइवा और हेल्थ सेंटर समेत स्कॉलरशिप मुद्दों को सुलझाने की होगी।
कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों की मदद करेंगे : शफीकत
कश्मीर के किश्तवाड़ निवासी शफीकत हुसैन बट का कहना है कि कैंपस के अलावा अब उनका फोकस कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों की मदद करना है। जल्द ही उनकी टीम कश्मीर जाएगी और पीड़ितों की सहायता करेगी। इसके अलावा लोगों को मोदी के अच्छे दिनों का आइना दिखाएंगे, जिसमें कथनी और करनी में अंतर है।
अभिभावकों की शिक्षा ने दिखाई राह : चिंटू
आरा (बिहार) निवासी चिंटू कुमारी महासचिव पद पर जीत हासिल करने में कामयाब रही हैं। सेंट्रल पैनल में एकमात्र महिला प्रत्याशी के तौर पर पुरुषों को सीधे टक्कर दी। अभिभावक लेफ्ट से जुड़े हैं और समाजसेवी है। उनसे मिली सीख के आधार पर आइसा से जुड़ीं और अब कैंपस में महिला सुरक्षा के अलावा विभिन्न मुद्दों के लिए आवाज उठाएंगी।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों : आशुतोष
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष व बिहार निवासी आशुतोष के मुताबिक, कैंपस की समस्याओं को दूर करना प्राथमिकता होगी। जबकि उसके बाद लिंगदोह की सिफारिशों के तहत चुनाव न करवाने का दबाब बढ़ाएंगे, जिसके लिए देशभर में एक साथ जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा यूपीएससी समेत मोदी सरकार के सौ दिनों के आधार पर कमियों को सामने लाया जाएगा।
लाल दुर्ग में नक्सलबाड़ी लाल सलाम के नारे गूंजे
लाल दुर्ग में लगातार चौथी बार जीत दर्ज करवाने के बाद आइसा ने कैंपस में विजय जुलूस निकाला। इस दौरान हॉस्टल, लैब और ढाबा समेत सड़कों पर लाल झंडे के साथ नक्सलबाड़ी लाल सलाम के नारे गूंजते रहे। रविवार को नतीजे आने के बाद आइसा ने मतगणना केंद्र के बाहर ही लाल झंडे और ढपली के साथ जश्न मनाने शुरू कर दिया था। हालांकि लाल सलाम के बीच जय श्रीराम और मोदी के नारे भी लगे।
कब-कब आइसा का लहराया परचम
वर्ष 2014........सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर जीत दर्ज की
वर्ष 2013........सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर जीत दर्ज की
वर्ष 2012, मार्च........सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर विजेता का ताज पहना
वर्ष 2012, सितंबर........अध्यक्ष को छोड़कर उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव पद जीता
वर्ष 2007........सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर जीत दर्ज की
आज शपथ लेंगे विजयी प्रत्याशी
जेएनयू में विजयी घोषित छात्रसंघ का सेंट्रल पैनल और 31 स्कूल काउंसलर सोमवार शाम पांच बजे पद व गोपनीयता की शपथ लेंगे। चुनाव आयुक्त दिलीप कुमार मौर्या ने बताया कि शपथ समारोह में कुलपति प्रो. एसके सोपोरी समेत शिक्षक और छात्र भी शामिल होंगे।