AIPMT: टॉप-100 में ट्राइसिटी से 6 टॉपर्स से मिलिए
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने सोमवार को ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट-2015 का रिजल्ट घोषित कर दिया। ऑल इंडिया लेवल पर 10वां रैंक हासिल करने वाले संचित गुप्ता ने ट्राइसिटी में टॉप किया है। कुल 6 स्टूडेंट्स ने टॉप-100 में जगह बनाई है। टॉप-100 लिस्ट में ट्राइसिटी से एक लड़की अक्षिता ही जगह बनाने में कामयाब रही।
टॉप रैंक हासिल करने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स के पेरेंट्स डॉक्टर हैं। ऑल इंडिया लेवल पर 15वां रैंक हासिल करने वाले कशिश गर्ग ट्राइसिटी में दूसरे नंबर पर है। हालांकि टॉप 100 में जगह बनाने वाले दो स्टूडेंट ने कोचिंग चंडीगढ़ से ली है। लेकिन वह दूसरे राज्यों से हैं।
25 जुलाई को हुआ था री-टेस्ट
एआईपीएमटी की परीक्षा 3 मई को हुई थी। लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश होने पर सीबीएसई ने परीक्षा दोबारा 25 जुलाई को कराई थी।
री-टेस्ट की स्ट्रेस रिजल्ट के बाद हुई दूर
एआईपीएमटी री-टेस्ट-2015 में ऑल इंडिया में 15वां रैंक हासिल करने वाले कशिश गर्ग ने बताया कि एग्जाम कैंसल होने की खबर ने काफी स्ट्रेस में डाल दिया था। लेकिन इस बार एग्जाम काफी आसान रहा। जिस कारण रैंक अच्छी रही। कशिश ने बताया कि वह 7 से 8 घंटे रोजाना पढ़ता था। केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायो की उसने अलग-अलग जगह से कोचिंग ली।
कोचिंग के बाद घर पर प्रेक्टिस भी की। डीपीएस सेक्टर-40 से कशिश ने 12वीं पास की है। ओलंपियाड में भी कशिश अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है। कशिश ने बताया कि वह दिल्ली स्थित मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेगा। कार्डियोलॉजिस्ट बनना कशिश का लक्ष्य है। कशिश ने उपलब्धि का श्रेय अपने पेरेंट्स को भी दिया। कशिश के बड़े भाई अर्चित भी आईआईटी रुड़की के स्टूडेंट रहे हैं।
डॉक्टर पेरेंट्स से मिली करन गर्ग को प्रेरणा
27वां रैंक हासिल करने वाले स्टूडेंट करन गर्ग ने बताया कि वह पटियाला का रहने वाला है। लेकिन कोचिंग चंडीगढ़ से ही ली है। करन ने बताया कि उसके पिता डॉ. वरिंद्र गर्ग आई सर्जन हैं और मां डा. अनु गर्ग माइक्रोबायोलॉजिस्ट है। घर में मेडिकल संबंधी माहौल ने उसे भी ऐसा ही प्रोफेशन चुनने केलिए प्रेरित किया। करन ने कहा कि वह एम्स या फिर पीजीआई से आगे की पढ़ाई करना चाहता है। करन ने बताया कि वह रोजाना 7 घंटे पढ़ता था।
रोजाना 8 घंटे मन लगाकर पढ़ाई
ऑल इंडिया 52वां रैंक हासिल करने वाले आयुष जैन ने बताया कि वह रोजाना 8 घंटे पढ़ता था। खाली समय में भी वह पढ़ता रहता था। आयुष ने सेक्टर-26 स्थित खालसा स्कूल से 12वीं की है। आयुष ने बताया कि उसके पिता डॉक्टर हैं। उन्हीं से प्रेरणा पाकर उसने भी डॉक्टर बनने का सपना बुना। आयुष ने एआईपीएमटी की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को टिप्स देते हुए कहा कि अगर मन से पढ़ाई की जाए और लक्ष्य तय किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। कोचिंग के साथ घर में प्रेक्टिस करना भी बेहद जरूरी है।
एआईपीएमटी में स्टूडेंट्स की रैंकिंग
स्टूडेंट का नाम----ऑल इंडिया रैंक
संचित गुप्ता-------10
कशिश गर्ग--------15
करन गर्ग---------27
अक्षिता-----------28
आयुष जैन--------52
अखिल वासुदेवा-----57