AIIMS के टॉपर्स ने बताए सफलता के सीक्रेट्स
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दो साल तक खुद को सोशल साइट से दूर रखा, टीवी को अनदेखा किया और बस जमकर पढ़ाई की। इसी कड़ी मेहनत के बदौलत बुधवार को शहर के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेजिएट स्कूल सेक्टर-26 के छात्र प्रकाश गुप्ता ने आल इंडिया इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंसेज(एम्स) टेस्ट में पांचवां रैंक हासिल किया है।
अपनी सफलता का श्रेय छात्र ने अपने परिवार और टीचर्स को दिया। सेक्टर-32 बी मकान न. 1157 में रहने वाले प्रकाश को इसकी उम्मीद नहीं थी। प्रकाश के पिता परमानंद गुप्ता जीएमसीएच सेक्टर-32 में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और मां इंदू गुप्ता हाउस वाइफ हैं।
पिता को मानते हैं रोल मॉडल
बचपन से ही डाक्टर बनाने का ख्वाब देखने वाले प्रकाश ने कहा कि उनका शुरू से ही एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करने का लक्ष्य था। वे अपने पिता को रोल मॉडल मानते हैं और मां उनकी हमेशा से प्रेरणा रही हैं। वहीं छोटे भाई नमन गुप्ता ने भी परीक्षा के दौरान उन्हें मोटिवेट किया।
प्रकाश ने बताया कि वे परीक्षा के दौरान जब भी टेंशन में आते थे, तो अपने टीचर्स और पैरेंट्स से बात करते थे और म्यूजिक एवं फुटबाल खेलते थे। इस परीक्षा के लिए प्रकाश ने छह से सात घंटे स्टडी की। उन्होंने बताया कि डॉ. संगीता खन्ना से केमिस्ट्री और डॉ. अरविंद गोयल से बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की।
रोजाना दस घंटे पढ़ाई से मिला 12वां रैंक
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-37 के छात्र सागर राठी ने आल इंडिया मेडिकल टेस्ट में 12वां रैंक हासिल कर एम्स से एमबीबीएस करने की उड़ान भरी है।
बुधवार को परिणाम घोषित होने पर सागर और अभिभावकों की खुशी देखने लायक थी। पिता सज्जन राठी और मां प्रमिला देवी ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। इससे पहले सागर ने आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया था।
न्यूरोलॉजिस्ट बनने की चाहत
सागर ने बताया कि वह एम्स में पढ़ाई करने के बाद न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। इस परीक्षा के लिए उसने रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। सागर के पिता सज्जन राठी हरियाणा सरकार में असिस्टेंट लेजिस्लेटिव आफिसर हैं। सागर डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं।
परीक्षा के दौरान सागर को बायो में थोड़ी मुश्किल आई, जिसे उसने अपने टीचर्स से बातचीत कर दूर किया। सागर ने सफलता का मंत्र कड़ी मेहनत और टीचर्स की गाइड लाइन को फॉलो करना बताया।
आइएएस बनने का सपना : अंजली
एम्स में एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर और फिर आईएएस बना कर समाज सेवा करने का सपना है अंजली गर्ग का। डीएवी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-15 की छात्रा अंजली ने आल इंडिया मेडिकल टेस्ट में 46वां रैंक हासिल किया है।
अंजली को शुरू से ही उम्मीद थी कि टेस्ट में अच्छी पोजीशन रहेगी और एम्स में एडमिशन जरूर ले पाऊंगी। अंजली अपने पिता विनोद गर्ग को रोल मॉडल मानती हैं। वह मेडिसिन एक्सपर्ट बनना चाहती हैं।
अंजली ने डॉ. संगीता से केमिस्ट्री और डॉ. अरयिूजिक से भी खास लगाव है। अंजली ने दसवीं में दस सीजीपीए और बारहवीं में 95.2 फीसदी अंक हासिल किए थे।
प्रकाश ने ऑल इंडिया में पाया 5वां रैंक
देश के सबसे प्रतिष्ठित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) एंट्रेंस एग्जाम में ट्राइसिटी के होनहारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एम्स की ओर से एमबीबीएस सीटों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा का बुधवार शाम रिजल्ट घोषित हुआ।
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच-32 में हड्डी विशेषज्ञ डॉ. परमानंद गुप्ता के बेटे प्रकाश गुप्ता ने ऑल इंडिया में 5वां और ट्राइसिटी में पहला स्थान हासिल किया है।
प्रकाश गुप्ता ने हाल ही में एआईपीएमटी में ऑल इंडिया में 26वीं रैंक हासिल की थी। एम्स रिजल्ट में टॉप 50 में शहर के छह होनहार शामिल हैं।
टॉप 50 में शहर के 6 होनहार
सेक्टर-37 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सागर राठी ने 12वीं रैंक हासिल की है। चंडीगढ़ कोचिंग सेंटर से कोचिंग लेने वाले संगरुर निवासी रुचित सिंगला ने ऑल इंडिया 29 रैंक और मोहिल गर्ग ने 31वीं रैंक हासिल की है।
सेक्टर-26 सेक्रेड हार्ट स्कूल की चित्राक्षी को 36वीं और अंजली गर्ग को ऑल इंडिया 46वीं रैंक मिली है। अमर उजाला से बातचीत में प्रकाश गुप्ता ने सफलता का श्रेय परिवार और टीचर्स डॉ. संगीता खन्ना और डॉ. अरविंद गोयल को दिया।
ट्राइसिटी में एम्स रिजल्ट में चित्राक्षी ने पांचवां स्थान पाया है। दिल्ली और देश के 6 अन्य एम्स के लिए ट्राइसिटी से 15 से अधिक विद्यार्थियों ने मेरिट में जगह बनाई है।
एम्स दिल्ली में जनरल कोटे की 50 सीटें
देश के प्रतिष्ठित एम्स दिल्ली में कुल 72 सीटें हैं। इसमें जनरल कैटेगरी की 50 सीटें हैं। इस बार से देश के छह नए एम्स में 100 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। नए एम्स में ऋषिकेश, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, रायपुर और पटना की कुल 600 सीटों पर दाखिला मिलेगा।
चमक बिखेर रहे ट्राइसिटी के होनहार
एम्स रिजल्ट में शहर के होनहार पिछले कुछ सालों से जबर्दस्त रिजल्ट दे रहे हैं। 2013 में अर्णव अग्रवाल ने ऑल इंडिया में पहला स्थान पाया था। एम्स के अलावा आईआईटी और एआईईईई में भी स्टूडेंट्स देशभर में पहला स्थान हासिल कर शहर का मान बढ़ा चुके हैं।
वर्ष 2006 में चंडीगढ़ के छात्र रघु महाजन ने आईआईटी और एआईईईई में ऑल इंडिया में टॉप किया था। 2006 में चंडीगढ़ के तीन छात्रों का चयन एम्स में हुआ था।
वर्ष 2006 में एम्स क्लीयर करने वालों में रोहन खेरा, अंकिता चक्रवर्ती और अखिल पराशर शामिल थे। रोहन ने दूसरी, अंकिता ने आठवीं और अखिल ने 23वीं रैंक हासिल की थी।
वर्ष 2007 में चंडीगढ़ का एक भी छात्र एम्स की प्रवेश परीक्षा क्लीयर नहीं कर सका था, जबकि 2008 में दो छात्रों ने यह प्रवेश परीक्षा क्लीयर की थी। वर्ष 2009 में चंडीगढ़ के विद्यार्थी जतिन ने यह परीक्षा क्लीयर की थी।
2010 में अभिनव ढींगरा ने देश भर में एम्स में टॉप किया था, जबकि 2011 में चंडीगढ़ के अंशित गोयल ने एम्स में देश भर में टॉप किया था। 2012 में आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों में चंडीगढ़ के छात्र तार्किक थामी ने देश भर में छठा रैंक हासिल किया था।