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ऐडिड कॉलेज में पढ़ाने वालों के लिए खुशखबरी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 20 Dec 2013 12:31 PM IST
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शहर के विभिन्न ऐडिड कालेज के शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा तोहफा दिया है। अब संबंधित कालेजों की मैनेजमेंट को शिक्षकों को कुल सैलरी पर कांट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) देना होगा।
इस संबंध में 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह अहम फैसला किया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को भी यह नियम लागू करने के आदेश दिए हैं। इस फैसले से ऐडिड कालेज में पढ़ाने वाले 800 मौजूदा और 700 रिटायर्ड शिक्षकों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
सेक्टर-32 स्थित एसडी कालेज में प्रो. जगवंत सिंह ने सीपीएफ मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसके तहत एक अप्रैल 1984 से शिक्षकों को कुल सैलरी पर सीपीएफ दिया जाना चाहिए।
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मामले में चंडीगढ़ प्रशासन केस हार गया, लेकिन उसने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद शिक्षकों के हक में फैसला दिया है।
प्रो. जसवंत सिंह ने बताया कि पीयू कैलेंडर के हिसाब से कुल सैलरी पर सीपीएफ दिया जाना चाहिए, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ऐडिड कालेजों को यह फंड नहीं दिया गया।
शहर के सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज और सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कालेज फॉर वुमन को हर साल चंडीगढ़ प्रशासन से करीब 50-70 लाख अतिरिक्त ग्रांट मिलती है।
उन्होंने बताया कि अब ऐडिड कालेज मैनेजमेंट को 10 फीसदी दर से सीपीएफ देना होगा। रिटायर्ड शिक्षकों को उनके ऐरियर पर 9 फीसदी ब्याज भी देना होगा।
प्रो. जगवंत ने कहा कि 27-28 सालों के लंबे संघर्ष के बाद ऐडिड कालेज टीचर्स को न्याय मिल पाया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पीसीटी प्रेसिडेंट डॉ. पीएस गिल, डॉ. इकबाल कौर, डॉ. घनश्याम देव ने भी स्वागत किया है।
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इस संबंध में 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह अहम फैसला किया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को भी यह नियम लागू करने के आदेश दिए हैं। इस फैसले से ऐडिड कालेज में पढ़ाने वाले 800 मौजूदा और 700 रिटायर्ड शिक्षकों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
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सेक्टर-32 स्थित एसडी कालेज में प्रो. जगवंत सिंह ने सीपीएफ मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसके तहत एक अप्रैल 1984 से शिक्षकों को कुल सैलरी पर सीपीएफ दिया जाना चाहिए।
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मामले में चंडीगढ़ प्रशासन केस हार गया, लेकिन उसने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद शिक्षकों के हक में फैसला दिया है।
प्रो. जसवंत सिंह ने बताया कि पीयू कैलेंडर के हिसाब से कुल सैलरी पर सीपीएफ दिया जाना चाहिए, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ऐडिड कालेजों को यह फंड नहीं दिया गया।
शहर के सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज और सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कालेज फॉर वुमन को हर साल चंडीगढ़ प्रशासन से करीब 50-70 लाख अतिरिक्त ग्रांट मिलती है।
उन्होंने बताया कि अब ऐडिड कालेज मैनेजमेंट को 10 फीसदी दर से सीपीएफ देना होगा। रिटायर्ड शिक्षकों को उनके ऐरियर पर 9 फीसदी ब्याज भी देना होगा।
प्रो. जगवंत ने कहा कि 27-28 सालों के लंबे संघर्ष के बाद ऐडिड कालेज टीचर्स को न्याय मिल पाया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पीसीटी प्रेसिडेंट डॉ. पीएस गिल, डॉ. इकबाल कौर, डॉ. घनश्याम देव ने भी स्वागत किया है।