LU: नोटिस के बाद गुरुजी ने ली पूरी क्लास
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लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले एक हफ्ते से गायब चल रहे एंथ्रोपोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एपी सिंह का अब तक पता नहीं चल पाया है।
शुक्रवार को ही कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कुलपति द्वारा नोटिस जारी करने का असर शनिवार को लविवि की कक्षाओं पर दिखा। यहां शनिवार को लगभग सभी क्लासेज चलीं।
एंथ्रोपोलॉजी विभाग में ही आर्ट्स फैकल्टी के कमरा नंबर 29 में बीए व बीएससी थर्ड ईयर की क्लास दोपहर 1:55 के बजाय बीस मिनट लेट 2:15 बजे शुरू हुई।
वहीं, कमरा नंबर 30 में दोपहर 2:25 बजे तक स्टूडेंट्स टीचर का इंतजार रहे। विभागाध्यक्ष द्वारा ही ढिलाई बरते जाने के कारण कुछ शिक्षक भी सुस्त हैं। उधर, बीसीए फर्स्ट ईयर के एक स्टूडेंट ने बताया कि उसके यहां कम्प्यूटर फंडामेंटल की क्लास ढंग से नहीं लगती।
लविवि में हर छात्र की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इस नियम को आज तक लविवि प्रशासन सख्ती से लागू नहीं करवा पाया। जानकारों का कहना है कि इसी का फायदा उठाकर कई शिक्षक क्लास नहीं लेते।
एंथ्रोपोलॉजी में एमफिल की तैयारी
लखनऊ विश्वविद्यालय में एमफिल एंथ्रोपोलॉजी कोर्स को चलाने पर सहमति बन गई है। इसकी प्रवेश परीक्षा विभाग स्तर पर करवाई जाएगी। इस कोर्स में आवेदन करने वाले चार छात्रों की मुहिम कामयाब हो गई है।
प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे के अनुसार कोर्स को चलाने पर मौखिक सहमति बन गई है। अब आगे की प्रक्रिया विभाग ही करेगा। ऐसे में इस कोर्स में आवेदन करने वाले ईशदीप कौर, मरियम हसन, यसमीन तब्सुम और सपना तिवारी के साथ अन्य छात्रों को भी राहत मिलेगी।
क्लासेज नियमित लगनी ही चाहिए। कुलपति अगर इस पर सख्ती करते हैं तो हम उनका सहयोग करेंगे क्योंकि ज्यादातर शिक्षक रेगुलर क्लासेज लेते हैं। हां, कुलपति को एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड को बुलाकर उनकी मजबूरी पूछनी चाहिए कि क्यों वे ऐबसेंट चल रहे हैं?
- डॉ. नीरज जैन, महामंत्री, लूटा
कक्षाओं की साप्ताहिक रिपोर्ट कुलपति को भेजी जाती है। हमें तो अब तक किसी स्टूडेंट ने शिकायत नहीं की, कि उसकी क्लासेज नहीं लगतीं। ज्यादातर शिक्षक क्लासेज लेते हैं।
- प्रो. एनके पांडेय
प्रवक्ता, लविवि