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हैदराबाद के बाद JNU में गरमाया दलित उत्पीड़न मामला
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Jan 2016 12:28 PM IST
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हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बाद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में दलित छात्रों का मामला गरमाता जा रहा है। छात्र फेलोशिप बढ़ाने की मांग कर रहा है तो दूसरी ओर अन्य छात्रों ने दलित उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया है।
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हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन फेलोशिप मामले पर तकनीकी खामी का हवाला देकर मामला सुलझाने का दावा कर रहा है। बताया जा रहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी इस मामले में जेएनयू प्रबंधन से प्राथमिकता के आधार पर छात्रों की समस्या सुलझाने को कहा है।
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जेएनयू कैंपस में सीआईपीओडी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की डीन प्रो. अनुराधा चिनॉय के अलावा कई अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
फेलोशिप की समय सीमा एक साल तक बढ़ाने की मांग पूरी न होने पर दलित छात्र के आत्महत्या की धमकी देने के मामले पर चर्चा हुई, जिसमें सामने आया कि यूजीसी द्वारा नॉन नेट और नेट फेलोशिप के लिए पांच साल से अधिक समय नहीं दिया जा सकता।
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हालांकि पीएचडी के दौरान छात्र ने तीन साल पांच महीने से अधिक समय पूरा कर लिया है। जिसके चलते नियमानुसार फेलोशिप ग्रांट रुक गई। दलित छात्र के मुताबिक, फेलोशिप ग्रांट लंबे समय से न मिलने के चलते वह अपनी पीएचडी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि वह निजी कारणों के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे।
हालांकि अब वह कैंपस में आकर पीएचडी पूरी करना चाहते हैं, लेकिन ग्रांट नहीं मिल पा रही है। दूसरी ओर इस छात्र के अलावा स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के छह से अधिक छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि छात्रों द्वारा दलित उत्पीड़न के मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन जांच कर रहा है।