BEd और MEd के बाद अब BPEd भी दो साल का
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शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने बीपीएड के सिलेबस में बदलाव किया है। बीएड और एमएड में दो वर्ष का सिलेबस करने के बाद अब स्टूडेंट्स को बीपीएड की डिग्री के लिए भी दो वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा।
यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन में साफ है कि इस सत्र से बीपीएड का सिलेबस भी दो वर्ष का होगा। एक वर्ष के सिलेबस में अभी तक दो सेमेस्टर में पढ़ाई होती थी लेकिन, दो वर्ष का सिलेबस होने के बाद इसे चार सेमेस्टर में बांटा जाएगा।
इस संबंध्ा में प्रो. कुलताज सिंह, एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजूकेशन, एमडीयू ने बताया कि बीपीएड का सिलेबस दो वर्ष का करने के लिए यूजीसी की तरफ से गाइडलाइन मिल चुकी है। अब बीपीएड की डिग्री दो वर्ष में मिलेगी। एमडीयू में बीपीएड की 50 सीटें आवंटित है।
सीयू में होगा एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स
उध्ार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घडुआं ने वर्ष 2015 सत्र से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। वीरवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा एयरोस्पेस-2020 थीम पर आयोजित सेमिनार में विक्रम सारा भाई स्पेस सेंटर के पूर्व डायरेक्टर डा. बीएन सुरेश ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बीई (एयरोस्पेस) कोर्स का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में पूर्व एयर मार्शल केएस भाटिया और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आरएस बावा भी मौजूद थे। डा. बावा ने बताया कि ऐरोस्पेस कोर्स में 120 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।