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आसानी से नहीं मिलेगा यहां बाहरी विद्यार्थियों को दाखिला
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Feb 2014 10:15 AM IST
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दूसरे राज्यों से पंजाब आकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए अब यहां दाखिला लेना आसान नहीं होगा। दूसरे राज्यों से पढ़ कर आए विद्यार्थियों को पहले पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से समानता सर्टिफिकेट लेना होगा। उसके बाद ही वे पंजाब के किसी स्कूल में दाखिला ले सकेंगे।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हाल ही में इस संबंध में फरमान जारी कर दिया है। पंजाब में पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर से बहुत से विद्यार्थी हर साल पढ़ने आते हैं।
पड़ोसी राज्य होने के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इन्हें छूट दे रखी थी। पंजाब बोर्ड को इन राज्यों के बोर्ड का सिलेबस आदि भी पता है। इसलिए इन राज्यों के स्टूडेंट्स से कभी समानता सर्टिफिकेट नहीं मांगा गया। ये विद्यार्थी सीधे ही अपने सभी सर्टिफिकेट जमा करा कर स्कूलों में दाखिला ले लेते थे।
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उधर, अन्य राज्यों से वे स्टूडेंट्स आते हैं, जिनके अभिभावकों का ट्रांसफर पंजाब में होता है। दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स केलिए पंजाब बोर्ड ने पहले समानता की शर्त रखी हुई थी। पिछले दिनों दिल्ली में काउंसिल ऑफ बोर्ड्स ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की मीटिंग हुई। इसमें दूसरे राज्यों के बोर्ड्स के अधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया।
उनका कहना था कि या तो पंजाब बोर्ड अपने पड़ोसी राज्यों की तरह उन्हें भी समानता सर्टिफिकेट से छूट दे। या फिर, पड़ोसी राज्यों पर भी समानता सर्टिफिकेट की शर्त लागू की जाए।
इसके बाद पंजाब बोर्ड ने सभी राज्यों के लिए समानता सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया है। बोर्ड के सचिव जीएस बाठ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अब सभी राज्यों के स्टूडेंट्स को दाखिले से पहले समानता सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा।
बोर्ड करेगा शिक्षा के स्तर का मूल्यांकन
दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स जब पंजाब में नौंवीं या 11वीं कक्षा में दाखिला लेने आएंगे, तो उन्हें पहले अपनी शिक्षा के सर्टिफिकेट पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में जमा कराने होंगे। उसके बाद बोर्ड का एकेडेमिक विंग उनकी जांच करेगा।
यह देखा जाएगा कि संबंधित बोर्ड का सिलेबस और पढ़ाई का स्तर पंजाब के बराबर है या नहीं। यदि स्तर ठीक पाया गया तो बोर्ड स्टूडेंट को समानता सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसे स्कूल में जमा कराने पर दाखिला मिलेगा।
केंद्रीय बोर्डों पर भी लागू होगा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी समानता सर्टिफिकेट का फरमान देश के सभी राज्यों के बोर्र्डों पर लागू होगा। इसके साथ ही केंद्रीय बोर्ड जैसे कि सीबीएसई और आईसीएसई के स्टूडेंट्स पर भी यह आदेश लागू होगा।
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हाल ही में इस संबंध में फरमान जारी कर दिया है। पंजाब में पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर से बहुत से विद्यार्थी हर साल पढ़ने आते हैं।
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पड़ोसी राज्य होने के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इन्हें छूट दे रखी थी। पंजाब बोर्ड को इन राज्यों के बोर्ड का सिलेबस आदि भी पता है। इसलिए इन राज्यों के स्टूडेंट्स से कभी समानता सर्टिफिकेट नहीं मांगा गया। ये विद्यार्थी सीधे ही अपने सभी सर्टिफिकेट जमा करा कर स्कूलों में दाखिला ले लेते थे।
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उधर, अन्य राज्यों से वे स्टूडेंट्स आते हैं, जिनके अभिभावकों का ट्रांसफर पंजाब में होता है। दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स केलिए पंजाब बोर्ड ने पहले समानता की शर्त रखी हुई थी। पिछले दिनों दिल्ली में काउंसिल ऑफ बोर्ड्स ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की मीटिंग हुई। इसमें दूसरे राज्यों के बोर्ड्स के अधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया।
उनका कहना था कि या तो पंजाब बोर्ड अपने पड़ोसी राज्यों की तरह उन्हें भी समानता सर्टिफिकेट से छूट दे। या फिर, पड़ोसी राज्यों पर भी समानता सर्टिफिकेट की शर्त लागू की जाए।
इसके बाद पंजाब बोर्ड ने सभी राज्यों के लिए समानता सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया है। बोर्ड के सचिव जीएस बाठ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अब सभी राज्यों के स्टूडेंट्स को दाखिले से पहले समानता सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा।
बोर्ड करेगा शिक्षा के स्तर का मूल्यांकन
दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स जब पंजाब में नौंवीं या 11वीं कक्षा में दाखिला लेने आएंगे, तो उन्हें पहले अपनी शिक्षा के सर्टिफिकेट पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में जमा कराने होंगे। उसके बाद बोर्ड का एकेडेमिक विंग उनकी जांच करेगा।
यह देखा जाएगा कि संबंधित बोर्ड का सिलेबस और पढ़ाई का स्तर पंजाब के बराबर है या नहीं। यदि स्तर ठीक पाया गया तो बोर्ड स्टूडेंट को समानता सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसे स्कूल में जमा कराने पर दाखिला मिलेगा।
केंद्रीय बोर्डों पर भी लागू होगा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी समानता सर्टिफिकेट का फरमान देश के सभी राज्यों के बोर्र्डों पर लागू होगा। इसके साथ ही केंद्रीय बोर्ड जैसे कि सीबीएसई और आईसीएसई के स्टूडेंट्स पर भी यह आदेश लागू होगा।