फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   admission problem in lucknow university

सीटें बढ़ने के बाद भी क्यों नहीं मिल पा रहे हैं दाखिले

Fri, 04 Sep 2015 03:22 PM IST
Updated Fri, 04 Sep 2015 03:22 PM IST
विज्ञापन
admission problem in lucknow university

एलयू में 25 अगस्त को हुई प्रवेश समिति की बैठक में कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का निर्णय तो ले लिया गया लेकिन अभी तक कुछ कॉलेजों को इस संबंध में विश्वविद्यालय का पत्र ही नहीं मिला। इसकी वजह से कॉलेज अपने यहां बढ़ी सीटों पर प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।

विज्ञापन


रोजाना न जाने कितने ही अभ्यर्थी कॉलेजों में बढ़ी सीटों पर प्रवेश की जानकारी लेने जाते हैं लेकिन उनको ये कहकर वापस लौटाया जाता है कि विवि से पत्र आने के बाद ही प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन


वहीं कुछ कॉलेजों ने खुद विश्वविद्यालय जाकर अब पत्र लिया है। कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक ने 27 जुलाई को कुलपतियों के साथ हुई बैठक में साफ निर्देश दिए थे कि सभी जगह 31 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। लेकिन एलयू की लापरवाही में अभी बढ़ी सीटों के प्रवेश होना अब तक बाकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रवेश को लेकर अभ्यर्थियों में संशय

admission problem in lucknow university

प्रवेश समिति के निर्णय के अनुसार कॉलेजों में सेल्फ फाइनेंस के जिन कोर्स में 60 सीट का सेक्शन था उसे बढ़ाकर 80 तक करने का निर्णय लिया गया। इससे राजधानी के करीब 10 कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम की लगभग एक हजार सीटें बढ़ी हैं।

यह जानकारी मिलने के बाद उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली थी जो अभी तक प्रवेश की राह तक रहे हैं। लेकिन निर्णय को लगभग 9 दिन बीत जाने के बाद भी इन सीटों पर प्रवेश शुरू नहीं हुए।

इसकी वजह से अब अभ्यर्थी इस उलझन में हैं कि उनका प्रवेश हो भी पाएगा या नहीं? इस मामले में कॉलेजों के सामने भी समस्या आ रही है। एक तरफ अभ्यर्थी दबाव बना रहे हैं कि सीटें बढ़ गई तो प्रवेश क्यों नहीं लिया जा रहा।

दूसरी तरफ कॉलेज लिखित अनुमति न होने से प्रवेश नहीं कर पा रहे। शिया कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नकवी ने बताया कि उनके यहां पत्र न आने से प्रवेश रुके हुए हैं।

क्योंकि बिना पत्र के स्थिति क्लियर नहीं कि किस कोर्स में कितनी सीटें बढ़ाई गई हैं। वहीं जेएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य एसडी शर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद विवि जाकर पत्र लिया जिससे कि प्रवेश किए जा सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed