मेडिकल कॉलेजों में NRI सीटों पर एंट्रेंस से दाखिला
देश भर के मेडिकल कॉलेजों में 2015 सत्र से एमबीबीएस सीटों पर एनआरआई कोटे के तहत दाखिला एंट्रेंस टेस्ट के तहत ही होगा। इस संबंध में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से सभी मेडिकल यूनिवर्सिटी और कालेजों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
चंडीगढ़ निवासी डा. अरविंद गोयल ने मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की सीटों पर भी अन्य स्टूडेंट्स के समान एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर दाखिला देने की मांग की थी।
इस संबंध में नंबवर 2014 में डा. अरविंद गोयल ने प्रधानमंत्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को चिट्ठी लिखी। दिसंबर में एमसीआई ने डा. अरविंद गोयल के मामले में विचार करने की चिट्ठी भेजी। कुछ रोज पहले ही एमबीबीएस कोर्स में एनआरआई सीटों के लिए भी एंट्रेस लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पिछले साल खाली रह गई थी एनआरआई सीटें
जीएमसीएच में एनआरआई की 6 सीटें
डा. अरविंद गोयल ने बताया कि जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस कोर्स में एनआरआई कोटे की 6 सीटों पर हर साल दाखिला दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले विदेशी स्टूडेंट्स को 12वीं के अंकों के आधार पर ही दाखिला दे दिया जाता था। उन्होंने कहा कि अगर विदेशी यूनिवर्सिटी दाखिले के लिए भारतीय स्टूडेंट्स का एंट्रेंस लेती हैं तो हमारे यहां भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
पंजाब में काफी सीटें रह गई खाली
एमसीआई नियमों के तहत किसी भी स्टेट में एक से अधिक मेडिकल यूनिवर्सिटी होने पर एंट्रेंस टेस्ट अनिवार्य है। पंजाब के मेडिकल कालेजों में एनआरआई सीटों के लिए 12वीं में 50 फीसदी अंक अनिवार्य किए गए थे। पिछले साल एनआरआई कोटे की काफी सीटें खाली रह गई। पंजाब सरकार ने अनिवार्य योग्यता में कमी के लिए एमसीआई को चिट्ठी लिखी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई थी।
एमसीआई ने एनआरआई सीटों पर भी एंट्रेंस टेस्ट से दाखिले का अच्छा फैसला लिया है। सभी स्टेट को एनआरआई और अन्य स्टूडेंट्स के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करना चाहिए।
डा. अरविंद गोयल, बायोलॉजी एक्सपर्ट, चंडीगढ़