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LU: बीए में आसानी से मिलेगा एडमिशन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 Apr 2014 08:54 AM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को इस बार सब्जेक्ट्स चुनने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
इस बार ऐसे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तैयार किए जाएंगे कि ऊंची मेरिट वाले स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट के चुनाव में दिक्कत नहीं आएगी।
पिछले शैक्षिक सत्र में एलयू में विषयों के अच्छे मैच नहीं बनाए जाने के कारण नीचे मेरिट वालों को अच्छे सब्जेक्ट मिल गए थे और ऊंची मेरिट वाले मनपसंद सब्जेक्ट चुनने से वंचित रह गए थे।
शैक्षिक सत्र 2014-15 में एलयू में दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही है। स्टूडेंट ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मेरिट के अनुसार काउंसलिंग में अपनी सब्जेक्ट चॉइस बताएंगे।
ऐसे में फिर कहीं कोई कन्फ्यूजन व दिक्कत न हो इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी बीए में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन ठीक करेगी और ऐसे मैच तैयार किए जाएंगे।
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जिससे न सिर्फ प्रवेश प्रक्रिया सुलभ हो बल्कि एग्जामिनेशन करवाने में भी लंबा-चौड़ा समय न खर्च हो। एलयू में मंगलवार को स्नातक कक्षाओं के प्रवेश समन्वयक प्रो. प्रवीन नागर की अध्यक्षता में कला संकाय के विभागाध्यक्षों की एक बैठक हुई।
इसमें बीए में अलग-अलग सब्जेक्ट की कुल 1,410 सीटों के कॉम्बिनेशन को बेहतर ढंग से तैयार करने पर चर्चा हुई। कई विभागाध्यक्षों ने कहा कि बीते साल सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन को लेकर स्टूडेंट काफी कन्फ्यूज हो गए थे।
ऊंची मेरिट के सभी स्टूडेंट्स ने ऐसे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन बताए, जिसमें अगर उन्हें पहली चॉइस न मिले तो दूसरी व तीसरी चॉइस के सब्जेक्ट कौन से हों, उसे बताने में वह गड़बड़ा गए।
बीए में तीन विषय चुनने होते हैं और एलयू ने उनके सामने सब्जेक्ट को तीन सूचियों में विभाजित करके पेश किया। इसमें यह ध्यान दिया गया था कि स्टूडेंट लैंग्वेज के साथ दो सब्जेक्ट न ले पाएं और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व पॉलीटिकल साइंस जैसे सब्जेक्ट एक साथ न चुनें।
इसमें और कौन-कौन से रिस्ट्रक्शन लगाए जाएं, जिससे सब्जेक्ट चुनना आसान हो और ऊंची मेरिट वाले स्टूडेंट अपने मनपसंद विषय आसानी से पा सकें। उनके पास सब्जेक्ट चॉइस के विकल्प अधिक हों।
क्योंकि पूरी काउंसलिंग इस बार भी ऑफ कैंपस ऑन लाइन ही होनी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन 14-15 मई के आसपास ऑनलाइन फॉर्म जारी करने पर विचार कर रहा है।
ऐसे में उसे बीए के सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन एनआईसी को तैयार करके देने हैं। बीए के सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तय करने की जिम्मेदारी अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. हर्ष मोहन, समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार सिंह के अलावा वेस्टर्न हिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर पीके श्रीवास्तव व डॉ. तकी अहमद को सौंपी गई है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही एलयू प्रशासन बीए में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तय करेगा।
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इस बार ऐसे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तैयार किए जाएंगे कि ऊंची मेरिट वाले स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट के चुनाव में दिक्कत नहीं आएगी।
पिछले शैक्षिक सत्र में एलयू में विषयों के अच्छे मैच नहीं बनाए जाने के कारण नीचे मेरिट वालों को अच्छे सब्जेक्ट मिल गए थे और ऊंची मेरिट वाले मनपसंद सब्जेक्ट चुनने से वंचित रह गए थे।
शैक्षिक सत्र 2014-15 में एलयू में दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही है। स्टूडेंट ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मेरिट के अनुसार काउंसलिंग में अपनी सब्जेक्ट चॉइस बताएंगे।
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ऐसे में फिर कहीं कोई कन्फ्यूजन व दिक्कत न हो इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी बीए में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन ठीक करेगी और ऐसे मैच तैयार किए जाएंगे।
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जिससे न सिर्फ प्रवेश प्रक्रिया सुलभ हो बल्कि एग्जामिनेशन करवाने में भी लंबा-चौड़ा समय न खर्च हो। एलयू में मंगलवार को स्नातक कक्षाओं के प्रवेश समन्वयक प्रो. प्रवीन नागर की अध्यक्षता में कला संकाय के विभागाध्यक्षों की एक बैठक हुई।
इसमें बीए में अलग-अलग सब्जेक्ट की कुल 1,410 सीटों के कॉम्बिनेशन को बेहतर ढंग से तैयार करने पर चर्चा हुई। कई विभागाध्यक्षों ने कहा कि बीते साल सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन को लेकर स्टूडेंट काफी कन्फ्यूज हो गए थे।
ऊंची मेरिट के सभी स्टूडेंट्स ने ऐसे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन बताए, जिसमें अगर उन्हें पहली चॉइस न मिले तो दूसरी व तीसरी चॉइस के सब्जेक्ट कौन से हों, उसे बताने में वह गड़बड़ा गए।
बीए में तीन विषय चुनने होते हैं और एलयू ने उनके सामने सब्जेक्ट को तीन सूचियों में विभाजित करके पेश किया। इसमें यह ध्यान दिया गया था कि स्टूडेंट लैंग्वेज के साथ दो सब्जेक्ट न ले पाएं और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व पॉलीटिकल साइंस जैसे सब्जेक्ट एक साथ न चुनें।
इसमें और कौन-कौन से रिस्ट्रक्शन लगाए जाएं, जिससे सब्जेक्ट चुनना आसान हो और ऊंची मेरिट वाले स्टूडेंट अपने मनपसंद विषय आसानी से पा सकें। उनके पास सब्जेक्ट चॉइस के विकल्प अधिक हों।
क्योंकि पूरी काउंसलिंग इस बार भी ऑफ कैंपस ऑन लाइन ही होनी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन 14-15 मई के आसपास ऑनलाइन फॉर्म जारी करने पर विचार कर रहा है।
ऐसे में उसे बीए के सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन एनआईसी को तैयार करके देने हैं। बीए के सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तय करने की जिम्मेदारी अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. हर्ष मोहन, समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार सिंह के अलावा वेस्टर्न हिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर पीके श्रीवास्तव व डॉ. तकी अहमद को सौंपी गई है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही एलयू प्रशासन बीए में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन तय करेगा।