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गुरुजी ही नहीं हैं तो कैसे चलेगी इवनिंग क्लास?
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 17 Aug 2014 12:41 PM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद पैदा हुए दाखिला संकट से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इवनिंग क्लासेज और दून विवि में बीएससी, बीकॉम चलाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन यह योजना परवान चढ़नी इतनी आसान नहीं है।
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सरकार के फैसले में शिक्षकों की कमी आई आड़े
दाखिलों की राह खोलने को सरकार के फैसले में शिक्षकों की कमी आड़े आ रही है। सरकार के आदेश मिलने के बाद दून विवि ने शिक्षकों की मांग कर दी है। डीएवी और डीबीएस ने भी इस बाबत प्रस्ताव भेज दिया है।
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राज्य सरकार ने हाल ही में पैदा हुए दाखिला संकट से निपटने के लिए सांध्य कालीन कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की।
डीएवी और डीबीएस कॉलेज ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है कि पहले सभी शिक्षकों की नियुक्ति हो, इसके बाद ही वह इवनिंग कक्षाएं संचालित कर पाएंगे।
दून विवि के उपकुलसचिव डा. मंगल सिंह मंद्रवाल ने बताया कि वह बीएससी और बीकॉम की कक्षाएं चलाने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए पहले शिक्षकों की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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अब शासन जितनी तेजी पद भरने में लगाएगा, उसी आधार पर इवनिंग कक्षाओं की राह खुलेगी।
डीबीएस में छात्रों ने किया हंगामा
स्वतंत्रता दिवस के बाद शनिवार को डीबीएस कॉलेज शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया छात्रों के विरोध कारण बंद करनी पड़ी। इस दौरान कालेज प्राचार्य डा. ओपी कुलश्रेष्ठ के साथ छात्रों की तीखी नोंकझोंक भी हुई।
शनिवार को डीबीएस कॉलेज में एडमिशन कमेटियां बैठी। छात्रों को मेरिट के मुताबिक दाखिले के लिए बुलाया जाने लगा तो इस बीच छात्र संगठन पहुंच गए।
छात्र नेताओं ने यूके बोर्ड के छात्रों को विशेष आरक्षण की मांग के साथ दाखिला प्रक्रिया बंद करा दी। मौके पर पहुंचे प्राचार्य ने कोशिश की लेकिन छात्रों के आगे उनकी एक न चली। इस बीच प्राचार्य के साथ खूब नोंकझोंक भी हुई। बाद में दाखिले नहीं हो पाए।
एसजीआरआर में हुए एडमिशन
एसजीआरआर पीजी कॉलेज में द्वितीय मेरिट के आधार पर बीए और बीएससी के दाखिले शुरू हो गए हैं। कॉलेज में शनिवार को काफी संख्या में छात्रों ने दाखिले किए।
कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि 20 अगस्त तक छात्र द्वितीय मेरिट के मुताबिक एडमिशन ले सकते हैं।
एमकेपी में दाखिले अटके
एमकेपी पीजी कॉलेज में निरीक्षण के बावजूद सीटों का निर्धारण न होने के चलते दाखिला प्रक्रिया अटकी हुई है। कॉलेज प्राचार्य डा. इंदु सिंह ने बताया कि सोमवार तक सीटों की संख्या पता चल सकती है। इसके बाद ही एडमिशन शुरू किए जाएंगे।