अब छात्रों के आई-कार्ड में आधार नंबर अनिवार्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में अब स्कूली बच्चों के फोटोयुक्त पहचान पत्र पर आधार नंबर अंकित करना भी अनिवार्य होगा। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने प्रदेश सरकार को इस अनुपालना को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके पीछे छात्रों की सुरक्षा का तर्क दिया जा रहा है। हिमाचल में शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूली छात्रों के लिए फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य किए हुए हैं, अब इसमें आधार नंबर भी जोड़ा जा रहा है।
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने सभी उप निदेशकों और प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग इसे इसलिए भी जल्द लागू करवाना चाहता है क्योंकि इससे छात्रों की सुरक्षा के अलावा स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी फायदा होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार नंबर को गैर जरूरी बताया है। ऐसा इसलिए किया है ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो और न ही उन पर दबाव बने।
सुप्रीम कोर्ट में आधार कार्ड वैधानिकता को लेकर मामला विचाराधीन है। हालांकि, आई-कार्ड में आधार नंबर अंकित करने से फायदा ही होगा। छात्र सुरक्षित रहेंगे और अभिभावक निश्चिंत।
विभाग इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना नहीं मानता। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने आई-कार्ड अनिवार्य करने और उन्हें गले में लटकाना सुनिश्चित करने को कहा है, जो पहले से ही चल रहा है।
उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक अमर देव ने बताया कि इसमें आधार कार्ड नंबर भी जोड़ा जा रहा है। सभी के आधार कार्ड बने हुए हैं, छात्रों को इसमें कोई परेशानी नहीं होगी, बल्कि फायदा ही होगा।