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एचपीयू से हटेगी धारा 144, ये रही वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 07 Nov 2014 07:14 PM IST
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प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाने के बाद से लागू धारा-144 को हटवाने की कवायद शुरू हो गई है। दरअसल विवि में कर्मचारियों के ईसी कोर्ट सदस्य के चुनाव होने है। यह धारा 144 के बीच होना संभव नहीं है।
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ऐसे में प्रदेश विश्वविद्यालय ने इस संदर्भ में जिला प्रशासन उपायुक्त को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करवाया है। इसके साथ ही प्रशासन ने चुनाव को करवाए जाने को लेकर आगामी निर्देश मांगें है। यही वजह है कि प्रशासन अब तक इन चुनाव का शेडयूल तक जारी नहीं कर पाया है।
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एक ही परिसर में छात्रों और कर्मचारियों के चुनाव के लिए दोहरी व्यवस्था की स्थिति पैदा होने के कारण अब प्रशासन को चुनाव पर फैसला लेना मुश्किल हो गया है। एचपीयू अब उपायुक्त के आगामी आदेशों का इंतजार कर रहा है।
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जानकारी के मुताबिक अमर उजाला 5 नवंबर के संस्करण में तो क्या एचपीयू में खत्म होगी धारा-144 शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर विवि के कुलसचिव ने संज्ञान लेते हुए उपायुक्त शिमला को पत्र लिखकर अवगत करवाया। इसमें उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लागू धारा-144 के लागू होने के कारण कर्मचारियों के ईसी और कोर्ट सदस्य के लिए चुनाव करवाने में पेश आ रही परेशानी से अवगत करवाया है।
उन्होंने कहा है कि चुनाव में कर्मचारियों की प्रचार टोलियां निकलेंगी, मतदान को कर्मचारी एकत्र भी होंगे, इसके साथ ही परिणाम निकलने पर जुलूस भी निकलेंगे। इससे धारा-144 का उल्लंघन हो सकता है। इस संदर्भ में कुलसचिव ने उपायुक्त से आगामी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।
एचपीयू के कुलसचिव प्रो. मोहन झारटा ने माना कि मीडिया के माध्यम से मामला ध्यान में आने पर उन्होंने डीसी को स्थिति से अवगत करवाया है। कहा कि डीसी के आदेशों और नियम कानून के दायरे में रहकर ही चुनाव करवाए जाएंगे। धारा लागू होने पर चुनाव करवाने को लेकर कानूनी राय ली जा रही है।