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पंजाब यूनिवर्सिटी में ही तैयार हुए 'आप' के ये पुरोधा

Tue, 14 Jan 2014 10:44 AM IST
अमर उजाला चंडीगढ़
अमर उजाला चंडीगढ़ Updated Tue, 14 Jan 2014 10:44 AM IST
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आम आदमी पार्टी को हरियाणा और चंडीगढ़ में नई दिशा दिखाने वाले आप के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य योगेंद्र यादव ने राजनीति की नींव पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में ही रख दी थी।

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आप की लहर के बीच पीयू के स्टूडेंट और प्रोफेसर खुद को जोड़ने में लगे हुए हैं। पीयू कैंपस में योगेंद्र यादव ने 1985 से 91 का वक्त गुजारा। अमर उजाला ने योगेंद्र यादव से जुड़ी कुछ यादों को उनके मित्रों के हवाले से साझा किया।
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पीयू के हिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर राजीव लोचन पुराने दिनों से ही यादव के घनिष्ठ मित्र हैं। उन्होंने बताया कि यादव ने विभाग से एमफिल की डिग्री हासिल की।
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इसके बाद उन्हें असिस्टेंट लेक्चरर के तौर पर नियुक्ति कर दिया गया। छह महीने बाद ही उनकी नियुक्ति लेक्चरर के तौर पर हो गई। यादव ने राजनैतिक विभाग के कई बड़े प्रोफेसर प्रो.भूपेंद्र सिंह बराड़, प्रो.मनजीत सिंह, प्रो.लाल्टू और प्रो.टीआर शर्मा के समय में पढ़ाई और शैक्षणिक काम किया है।

दसवीं में उन्हें नेशनल टेलेंट सर्च एग्जामिनेशन के तहत स्कॉलरशिप मिली। इसके बाद उनकी पूरी पढ़ाई स्कॉलरशिप से ही हुई। लोचन बताते हैं कि यादव और उन्होंने मिलकर तीन साल तक पीयू कैंपस में सैड ग्रुप बनाया।

इसमें पीयू के प्रोफेसर और विद्यार्थी विभिन्न मुद्दों पर जमकर चर्चा और बहस करते थे। लोचन बताते हैं कि यादव को बड़ी पहचान 1992 के चुनाव से पहले उनके द्वारा कराए गए सर्वे का आंकड़ा एकदम सटीक होने पर मिली। इसमें उन्होंने चंडीगढ़ से हरमोहन धवन के जीतने के बारे में भी बताया था।

इसके बाद 96 चुनाव में भी उनके सर्वे ने उन्हें नई पहचान दिलाई। लोचन बताते हैं कि यादव ने इतना बेहतर रिसर्च किया कि उन्हें पीएचडी के बिना ही प्रोफेसर बना दिया गया।


वह बताते हैं कि दोनों की मुलाकात जेएनयू में पढ़ाई करते हुए हुई। लोचन ने बताया कि जब उनका चयन पीयू के हिस्ट्री विभाग में हुई तो यादव भी यहां आ गए।

उनका मानना है कि यादव ने हमेशा खुद को आम आदमी से जोड़े रखा। शुरुआत में उन्होंने सेक्टर-11 में किराए पर एक कमरा लिया। लेकिन, फिर वह आम आदमी के जीवन को समझने के लिए डड्डू माजरा में रहने लगे।
92 के बाद वह दिल्ली में सीएसडी सेंटर में चले गए। प्रो.मनजीत ने कहा कि यादव ने जमीनी स्तर पर काम कर खुद की पहचान बनाई है।

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