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राजधानी के संस्थान मिलकर कराएंगे रिसर्च
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 25 Jul 2013 10:39 AM IST
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रिसर्च और अन्य शैक्षिक कार्यों के लिए राजधानी के लगभग सभी बड़े संस्थान एक-दूसरे का रिसोर्स साझा कर सकेंगे। इससे छात्रों का भी बड़ा फायदा होगा और वे भी सभी शैक्षिक और वैज्ञानिक संस्थानों के रिसोर्स का प्रयोग कर सकेंगे।
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इस दिशा में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) ने एक अनूठी पहल की है। बीबीएयू ने क्लस्टर ऑफ यूनिवर्सिटीज एंड नॉलेज सेंटर बनाया है जिसका वह खुद नोडल सेंटर होगा।
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इसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), एनबीआरआई, आईआईटीआर सरीखे बड़े संस्थान शामिल होंगे। क्लस्टर ऑफ यूनिवर्सिटीज एंड नॉलेज सेंटर बनाने पर बुधवार को बीबीएयू की एकेडमिक काउंसिल ने भी मुहर लगा दी।
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बीबीएयू के प्रवक्ता डॉ. गोविंद पांडेय ने बताया कि इसमें शामिल सभी संस्थान एक-दूसरे के सहयोग से साझा कोर्स प्रोग्राम चला सकेंगे, रिसर्च कर सकेंगे, इंटरडिस्पिलनरी रिसर्च (अंतर विषयी शोध) कर सकेंगे और एक-दूसरे के रिसोर्स का आसानी से प्रयोग कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इससे छात्र भी एक-दूसरे के संस्थान में जाकर आसानी से लाइब्रेरी और लैब का प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि हर यूनिवर्सिटी और वैज्ञानिक संस्थानों की अपनी-अपनी खासियत है।
ऐसे में अगर कोई अच्छा रिसर्च करना चाहे तो वह एक-दूसरे संस्थान के संसाधनों का प्रयोग कर सेकगा। इसे लेकर बीबीएयू एक एमओयू भी साइन करने जा रहा है ताकि बेहतर शैक्षिक माहौल को बढ़ावा मिल सके।