{"_id":"11-67893","slug":"Dehradun-67893-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल नहीं आ पा रहे आपदा प्रभावित बच्चे","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
स्कूल नहीं आ पा रहे आपदा प्रभावित बच्चे
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 08:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मासूमों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। कई बच्चे आपदा के बाद से स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। बच्चों को इस आघात से उबाराकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अब आपदा प्रभावित जनपदों में विशेषज्ञों द्वारा उनको मनोवैज्ञानिक अनुसमर्थन (साइक्लोजिकल सपोर्ट) दिया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिक आपदा प्रभावित क्षेत्र में चलाया जाएगा
सर्व शिक्षा अभियान और उसकी सहयोगी संस्थाएं इसके लिए आगे आई हैं। पहले चरण में इसे सबसे अधिक आपदा प्रभावित रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ और इसके बाद चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में चलाया जाएगा।
विज्ञापन
आपदा से प्रदेश में कई मासूमों के सिर से अभिभावकों का साया उठ गया था। इससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है। एसएसए के विशेषज्ञों की मानें तो आपदा के बाद से आपदा प्रभावित जनपदों खासकर रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी आई है। आपदा के कई रोज बाद भी बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चे प्रकृति के 16 और 17 जून के कहर से उबर नहीं पाए हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत
इनके लिए अब संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है। इसके लिए एसएसए के विशेषज्ञों और स्वयंसेवी संस्थाओं को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान श्रीनगर में संवेदीकरण प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण लेने के बाद ये लोग आपदा प्रभावित विद्यालयों के शिक्षकों एवं स्कूल प्रबंधन समिति को प्रशिक्षित करेंगे। एक अगस्त को श्रीनगर मेडिकल कालेज में 16 संकुल समन्वयकों एवं कुछ स्वयंसेवी संगठनों के पहले बैच को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जो प्रशिक्षण लेने के बाद छह अगस्त से रुद्रप्रयाग जनपद में शिक्षकों एवं अभिभावकों को प्रशिक्षित करेंगे।
कई लोग शामिल
बच्चों को मानसिक आघात से उबारने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय स्तर पर एक आपदा राहत प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इसमें विशेषज्ञ एके गुसांई, संयुक्त निदेशक एमडीएम, विभागाध्यक्ष शोध एवं मूल्यांकन कुलदीप गैरोला, विशेषज्ञ सामुदायिक सहभागिता कमला बड़वाल सहित कई लोग शामिल हैं।
ये संस्थाएं आई आगे
रूम टू रीड, प्रथम संस्था, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, अजीम प्रेम जी फाउंडेशन, बटरफ्लाई, महिला समाख्या
खबर पर राय देने के लिए क्लिक करें