80 स्टूडेंट्स बनाएंगे शहर के पर्यावरण संरक्षण का मॉडल
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शहर के पर्यावरण को सुधारने की जिम्मेदारी अब युवाओं के कंधों पर होगी। इस
इस मेनीफेस्टो को पर्यावरण निदेशालय लखनऊ के साथ दूसरी जगहों पर भी लागू करेगा।
युवाओं
के विचार को मूर्तरूप देने के लिए यह मेनीफेस्टो सोमवार को इंडियन रेलवे
इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट (आईआरआईटीएम), हरदोई बाइपास रोड पर
बनेगा। इसके लिए पर्यावरण निदेशालय के साथ मिलकर इंस्टीट्यूट और
स्वयंसिद्धा एनजीओ ने एक यूथ एन्वायर्नमेंट कैफे बनाया है।
सुबह 10 बजे से
आयोजित इस कार्यक्रम में 15 स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक के 80 युवाओं को
इस यूथ कैफे में रखा जाएगा। शहर के पर्यावरण सुरक्षा के लिए खतरा बनी 16
थीम पर युवाओं के विचार और समाधान तय करने के लिए टीम बनाई गई है।
कैसी होगी टीम की रूपरेखा
हर टीम
में पांच सदस्य होंगे। हर टीम अपनी मेज पर समस्या की वजह के साथ उसका
समाधान तय कर मेनीफेस्टो का हिस्सा बनेगी।
पर्यावरण निदेशालय के निदेशक डॉ.
ओपी वर्मा ने रविवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में बताया कि युवाओं के
विचारों को मेनीफेस्टो में बेहतर तरीके से शामिल करने के लिए विशेषज्ञ
वैज्ञानिकों की टीम भी मदद करेगी। यूथ कैफे में बने मेनीफेस्टो को जरूरत के
आधार पर पर्यावरण संरक्षण के लिए लागू किया जाएगा।
यह काम खुद निदेशालय
अपने स्तर से दूसरे विभागों की मदद लेकर कराएगा। टीम के सदस्य दूसरी मेज पर
मौजूद समस्या के समाधान में भी अपनी भागीदारी देने के लिए स्वतंत्र होंगे।
हर मेज से सबसे बेहतर तीन विचारों को चुना जाएगा। बिना किसी हस्तक्षेप के
मिले ये ईमानदार विचार ही पर्यावरण बचाने की लड़ाई में हमारा हथियार
बनेंगे।
साइंटूनिस्ट बताएंगे तरीका
स्वयंसिद्धा
की संयोजक डॉ. शिखा त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे अपने विचारों को कार्टून
में भी बदलेंगे। उनके कार्टून को सही आयाम देने के लिए विख्यात साइंटूनिस्ट
डॉ. पीके श्रीवास्तव मौजूद रहेंगे।
वे विज्ञान से जुड़ी जानकारी पर
कार्टून बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं। उनकी मदद के
लिए वर्ल्ड कॉमिक्स से कार्टूनिस्ट सुमित कांडाल, देवेंद्र ओझा और ग्राफिक
डिजाइनर नवेदिता सिंह आ रही हैं।
इन कार्टून को एक किताब की शक्ल में
प्रकाशित कर पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं को जागरूक करने में उपयोग किया
जाएगा। प्रकाशन का जिम्मा पर्यावरण निदेशालय उठाएगा।
23 को होगा सेमिनार
यूथ
एन्वायर्नमेंट कैफे के आयोजक ऑगस्टीन वेलियाथ ने बताया कि इस अभियान का एक
हिस्सा ‘शेड्स ऑफ नेचर : डू वी हैव ए च्वॉइस?’ विषय पर आयोजित सेमिनार
रहेगा।
ये सेमिनार 23 अगस्त को आयोजित किया जाएगा जिसमें यूथ मेनीफेस्टो को
विशेषज्ञों के सामने रखा जाएगा। इस पर चर्चा के बाद इसे एक दस्तावेज बनाकर
पर्यावरण निदेशालय को सौंपा जाएगा।
इस सेमिनार में खुद प्रमुख सचिव
(पर्यावरण) वीएन गर्ग मौजूद रहेंगे। सबसे बेहतर विचार को ‘डॉ. वीरभद्र
मिश्रा’ अवॉर्ड भी दिया जाएगा।
इन पर बनेगी थीम
•जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम
•टॉयलेट और अनहाइजीनिक स्थिति
•शहर का ग्रीन कवर
•ऊर्जा की खपत
•प्रदूषण नियंत्रण
•ट्रैफिक जाम
•प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट
•पर्यावरण निदेशालय की मदद से एनजीओ स्वयंसिद्धा की पहल
•कार्टून और यूथ आइडिया बनेगा पर्यावरण निदेशालय का हथियार