MBA फर्स्ट सेमेस्टर में क्यों फेल हो गए 75 प्रतिशत स्टूडेंट!
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एलयू में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस (आईएमएस) के एमबीए कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर में करीब 75 प्रतिशत स्टूडेंट फेल हो गए हैं। बाकी 25 प्रतिशत बमुश्किल बैक पेपर के साथ अगली क्लास में प्रमोट हो पाए हैं।
फेल हुए स्टूडेंट्स ने शुक्रवार को परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला के कमरे में पहुंचकर हंगामा किया और रिजल्ट रद्द कर पुरानी व्यवस्था के तहत दोबारा तैयार करने की मांग की।
स्टूडेंट्स का आरोप था कि दाखिले के वक्त उन्हें नए आर्डिनेंस से परीक्षा करवाए जाने की जानकारी नहीं दी गई थी। बगैर जानकारी दिए नए नियम को लागू करना गलत है, ऐसे में रिजल्ट दोबारा पुराने नियम से ही तैयार किए जाएं।
परीक्षा नियंत्रक के कमरे में मौजूद नहीं होने के कारण हंगामा कर रहे स्टूडेंट्स को समझाने एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. नीरज जैन वहां पहुंचे, मगर स्टूडेंट बिना लिखित आश्वासन के लौटने को तैयार नहीं थे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद एडिशनल प्रॉक्टर ने उच्चाधिकारियों की।
छात्रों को दिया आश्वासन
इसके बाद उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि अगर उन्हें परीक्षा में इस बार नए नियम लागू होने के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी तो वह पुराने नियम से ही रिजल्ट तैयार करवाने के लिए परीक्षा नियंत्रक व ओएसडी आईएमएस की शनिवार को बैठक करवाएंगे।
इसमें स्टूडेंट्स का पक्ष सुना जाएगा और अगर गलत ढंग से नए नियम लागू करवाकर रिजल्ट तैयार हुआ है तो इसे बदला जाएगा। इसके बाद स्टूडेंट्स ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव खत्म किया।
इस वजह से हुए फेल
लखनऊ विश्वविद्यालय के आईएमएस में एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स का कहना है कि नियम के अनुसार चार प्रश्नपत्र में भी फेल होने पर स्टूडेंट्स को बैक पेपर देते हुए आगे की क्लास में प्रमोट किया जाता है। वहीं प्रश्नपत्र में 70 नंबर की लिखित परीक्षा और 30 नंबर का इंटरनल असेसमेंट होता है।
दोनों में कुल मिलाकर 100 में से 40 नंबर होने पर ही पास कर दिया जाता है। जो मार्क्सशीट दी गई है, उसमें 70 नंबर की मुख्य लिखित परीक्षा में न्यूनतम 28 नंबर होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में भारी संख्या में स्टूडेंट फेल हो गए हैं।
ह्यूमन रिसोर्स, मार्केटिंग में सर्वाधिक असफल
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग व इंडियन वैल्यू सिस्टम में बड़ी संख्या में स्टूडेंट फेल हुए हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट का पेपर बहुत सरल आया था और काफी अच्छा भी हुआ था।
इसके बावजूद किसी को 6, किसी को 10, 19 और 20 नंबर देकर फेल किया गया है। इसी तरह मार्केटिंग मैनेजमेंट और इंडियन वैल्यू सिस्टम के पेपर में भी काफी कम नंबर दिए गए हैं।
तृतीय सेमेस्टर में भी गड़बड़ी
एलयू में एमबीए तृतीय सेमेस्टर का रिजल्ट तैयार करने में भी लापरवाही बरती गई। एमबीए तृतीय सेमेस्टर में कम्युनिकेटिव इंग्लिश के भी नंबर जोड़ दिए गए। इस चूक के बाद अब मार्क्सशीट दोबारा तैयार की जा रही हैं।
दरअसल कम्युनिकेटिव इंग्लिश अनिवार्य विषय है और इसे सिर्फ पास करना जरूरी होता है। इसे पास करने के बाद ही एमबीए की डिग्री दी जाती है। मार्क्सशीट पर इसके अलग से नंबर लिखे होते हैं और इसे जोड़ा नहीं जाता।