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OMG! 8 हजार सीटों के लिए सिर्फ 2500 ने लिया दाखिला

Sat, 22 Aug 2015 06:15 PM IST
Updated Sat, 22 Aug 2015 06:15 PM IST
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6309 seats for B.ed course is still vacant in private colleges of himachal pradesh.

एचपीयू से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों में हजारों सीटों खाली रह गई हैं। करीब एक दर्जन कॉलेजों में दस सीटें भी नहीं भर सकी हैं। इन कॉलेजों में नया बैच शुरू करने पर संकट खड़ा हो गया है। यूथ के इस तरह बीएड कोर्स से मुंह मोड़ लेने से निजी बीएड कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। कोर्स की अवधि दो साल किए जाने को भी इसका कारण माना जा रहा है। हालांकि, सरकारी कॉलेजों में सभी सीटें भर गई हैं।

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इस बार 11 दिन तक विवि के शिक्षा विभाग परिसर में हुई प्रक्रिया के लिए प्रवेश परीक्षा आधार पर बुलाए गए छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। यह आंकड़ा 30 से 40 फीसदी तक सिमट गया। प्रदेश में एचपीयू से संबद्ध चल रहे 72 से अधिक निजी बीएड कॉलेजों में एक दर्जन से अधिक में दस से भी कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। इन कॉलेजों में शायद ही नया दो वर्षीय बीएड कॉलेज का बैच शुरू हो सके। एनसीटीई के फैसले के मुताबिक इस बार बीएड कोर्स को एक के बजाय दो वर्ष का किए जाने के बाद एकाएक छात्रों ने इस कोर्स से मुंह मोड़ लिया है।

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यह है सीटों की स्थिति

6309 seats for B.ed course is still vacant in private colleges of himachal pradesh.

विवि से संबद्ध 75 निजी और सरकारी बीएड कॉलेजों के लिए 8,950 सीटें हैं। अब तक केवल 2,641 सीटें ही भरी जा सकी हैं। 6,309 सीटें खाली रह गई हैं। एचपीयू के शिक्षा विभाग में सभी सीटें भरी गई हैं। धर्मशाला स्थित गर्वनमेंट बीएड संस्थान में भी सभी 250 सब्सिडाइज्ड सीटें भरी गई हैं, शेष सभी निजी बीएड कॉलेजों में इस बार सीटें नाम मात्र ही भरी जा सकी हैं।

छात्रों के प्रवेश लेने में कम रुचि दिखाने के पीछे कोर्स के दो साल का होने और अब तक सरकार की ओर से कोर्स की फीस तय न करना भी है। निजी बीएड कॉलेजों ने कोर्स दो साल का होने के बाद फीस को भी डबल कर दिया है। ऐसे में छात्रों की रुचि बीएड से कम हो गई है।

एचपीयू शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शना राणा ने माना 29 फीसदी तक ही सीटें भरी जा सकी हैं। प्रवेश के लिए हुई काउंसलिंग में नाम मात्र छात्रों ने ही भाग लिया। उन्होंने माना कि कुछ कॉलेजों में तो दस सीटें भी नहीं भरी जा सकी हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारिक तौर पर सरकारी और विवि के संस्थान में प्रवेश बंद हो गया है, कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। अब निजी कॉलेजों को 14 सितंबर तक तय किए प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक शर्त के मुताबिक सीटें भरने का समय दिया गया है।

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