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बीएड, एमएड करने वालों के लिए बेहद अहम खबर

Wed, 06 May 2015 12:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 06 May 2015 12:40 PM IST
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5 month intership compulsary for BEd, MEd students

टीचिंग स्किल्स को सुधारने के लिए एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फोर टीचर एजुकेशन) ने इस सत्र से बीएड और एमएड के सिलेबस में बड़ा परिवर्तन किया है। बीएड और एमएड की डिग्री लेने के लिए दो वर्ष का सिलेबस लागू करने के बाद पांच माह की इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है।

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नए सिलेबस के आधार पर एमडीयू ने सभी संबद्ध कॉलेजों को 31 अक्टूबर तक तैयारी करने के निर्देश जारी किए हैं। बीएड और एमएड में जुलाई माह से 2015-16 सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन इससे पहले एनसीटीई ने बीएड और एमएड के सिलेबस को लेकर बदलाव किया है।
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अभी तक बीएड और एमएड की डिग्री स्टूडेंट एक वर्ष की होती थी जिसमें 45 दिन की इंटर्नशिप होती थी। लेकिन इस सत्र से दो वर्ष पढ़ाई के बाद स्टूडेंट को यह डिग्री मिलेगी। एनसीटीई ने गाइडलाइन जारी की है कि दो साल के सेमेस्टर में 19 माह पढ़ाई होगी और 45 दिन की बजाय पांच माह की इंटर्नशिप अनिवार्य होगी।
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पांच माह की इस इंटर्नशिप में स्टूडेंट को स्कूल में जाकर रूटीन में होने वाली गतिविधियों को परखना होगा। दफ्तर के कार्य से लेकर उन्हें पढ़ाई का प्रशिक्षण भी लेना होगा। काउंसिल का मानना है कि पांच माह की इंटर्नशिप करने के बाद टीचिंग स्किल्स में काफी सुधार होगा। इससे न केवल शिक्षा प्रणाली सुधरेगी, बल्कि बीएड और एमएड की महत्ता का भी ज्ञान होगा।

अब 50 स्टूडेंट की होगी एक यूनिट
एनसीटीई की तरफ से अभी तक 100 स्टूडेंट की एक यूनिट होती थी। ज्यादातर कॉलेजों को एक यूनिट दी जाती थी, लेकिन यदि वहां की व्यवस्था अच्छी है तो दो यूनिट भी दे दी जाती थी। इस सत्र से एनसीटीई ने यूनिट में भी स्टूडेंट की संख्या कम की है। एक यूनिट अब 100 की बजाय 50 स्टूडेंट की रहेगी।

31 अक्टूबर तक करनी होगी व्यवस्था
नई गाइडलाइन के अनुसार, बीएड और एमएड के सभी कॉलेजों को 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इस अवधि में कॉलेजों को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा स्टूडेंट को मिलने वाली अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद एनसीटीई ही कॉलेजों का निरीक्षण करेगी और उन्हें यूनिट दी जाएगी।

प्रदेश में बीएड और एमएड के 495 कॉलेज
रोहतक की एमडीयू, कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी और सिरसा यूनिवर्सिटी के अधीन प्रदेश में बीएड और एमएड के 495 कॉलेज है। इन सभी कॉलेजों में जुलाई माह से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


एनसीटीई की तरफ से गाइडलाइन मिल चुकी हैं। सभी कॉलेजों को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है। इस सत्र से स्टूडेंट को दो साल के बाद डिग्री मिलेगी और पांच माह की इंटर्नशिप अनिवार्य होगी।
-डॉ. इंदिरा ढुल, डीन ऑफ कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल एमडीयू रोहतक

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