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मान्यता के पेंच में फंसा 4500 स्टूडेंट्स का भविष्य

Sat, 26 Apr 2014 08:14 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 26 Apr 2014 08:14 AM IST
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4500 students still awaiting there result

यूपीटीयू के 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने मान्यता के लिए निर्धारित समय सीमा बीतने पर किया था आवेदन।

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मामला कोर्ट में ही विचाराधीन, स्टूडेंट्स को दूसरे कॉलेजों में समायोजित करने पर भी कोई निर्णय नहीं।

मान्यता के पेंच में 4,500 बीटेक स्टूडेंट्स का भविष्य फंस गया है।

इन छात्रों का कसूर सिर्फ इतना है कि इन्होंने उन 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लिया, जिन्होंने समय सीमा बीतने के बाद संबद्धता के लिए आवेदन किया।

फिलहाल, अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा विवि ने भी इन स्टूडेंट्स को समायोजित करने पर कोई निर्णय नहीं लिया।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय फर्जीवाड़ा करने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।

विवि का कहना है कि यूजीसी ने अगले सत्र में इन कॉलेजों को संबद्धता पर भी रोक लगा दी है।

उधर, कॉलेज नए सत्र में अपने यहां दाखिले के लिए प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं।

यानी वे आगे भी स्टूडेंट्स का भविष्य फंसाना चाहते हैं।

वहीं, 44 कॉलेजों के 4,500 स्टूडेंट्स अपने कॅरिअर को लेकर काफी परेशान हैं।

स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी भी उन्हें लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं ले रही।

छात्रों की मांग है कि उन्हें दूसरे कॉलेज में समायोजित कर सेकंड सेमेस्टर की पढ़ाई करने का मौका दिया जाए।

स्टूडेंट्स का कहना है कि यूपीटीयू प्रशासन कानूनी राय लेकर दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोविजनल दाखिला दे सकता है। ऐसे में पढ़ाई नहीं छूटेगी और सत्र भी पटरी पर चलेगा।

इधर, यूपीटीयू प्रशासन अभी कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है।

यूपीटीयू प्रशासन का कहना है कि वह इन कॉलेजों को अब अगले सत्र में भी संबद्धता नहीं देगा।

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