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Shocking:45% यूजर नहीं जानते फेसबुक क्या!

Mon, 23 Feb 2015 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Mon, 23 Feb 2015 03:13 PM IST
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45 percent users don't know facebook.

फेसबुक के लगभग 45 फीसदी यूजर्स को यह पता ही नहीं कि फेसबुक है क्या। किसी भी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसके डिटेल पढ़ने चाहिए। ये बातें माइक्रोसॉफ्ट से मोस्ट वैल्यूएबल पर्सन का खिताब पा चुके सउदी अरब के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दिनेश ओ बरेजा ने कहीं। मौका था रविवार को एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित इंटरनेशनल इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी मीट-2015 का।

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उन्होंने बताया कि सबसे पहले साइबर क्राइम को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी पॉलिसी बनानी होगी जो लंबे समय तक प्रासंगिक हो। एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी के निदेशक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर यूके चोपड़ा ने भी अपने विचार रखे। युनाइटेड किंगडम की विजियो इनजेनी कम्पनी में वरिष्ठ सुरक्षा विशेषज्ञ निपुन जायसवाल ने बताया कि किसी की ईमेल आईडी या सोशल मीडिया पर बने अकाउंट को तब तक हैक नहीं किया जा सकता जब तक की यूजर लापरवाही न करे।
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उन्होंने कहा कि कभी भी अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड के डिटेल किसी वेबसाइट के साथ परमानेन्ट रजिस्टर नहीं करने चाहिए। दूसरा, यदि कभी कोई ईमेल के माध्यम से किसी सोशल वेबसाइट का लिंक भेजे तो उस पर लॉगइन करने से बचना चाहिए।

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एक मिनट में ढूंढें अपराधी

45 percent users don't know facebook.

निपुन ने बताया कि विदेशों में ‘फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम’ जैसे सॉफ्टवेयर विकसित किए जा चुके हैं जिनसे एक मिनट के अंदर 10 लाख लोगों में से अपराधी को ढूंढा जा सकता है।

इस सिस्टम से जुड़े सीसीटीवी कैमरों की जद में जैसे ही कोई अपराधी आता है कैमरे उसे डिटेक्ट कर अधिकारियों को सूचना देने के साथ गतिविधियां फॉलो करना शुरू कर देते हैं।

इसके माध्यम से व्यक्ति की गाड़ी की नंबर प्लेट तक ट्रैक की जा सकती है। इसके साथ ही अटैकिंग पोजीशन नामक सिस्टम भी है जिसमें यदि कोई व्यक्ति ऐसा एक्शन करता है जो कि हमला करने जैसा हो तो कैमरे उसे डिटेक्ट कर अलर्ट कर देंगे।

इन बातों का रखें ध्यान

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पेन ड्राइव या किसी अन्य डिवाइस को बिना जांचे कम्प्यूटर में न लगाएं। किसी भी मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले डिटेल पढ़ें। किसी संदिग्ध लिंक को कभी क्लिक न करें।

व्हॉट्स एप पर अनजान नंबर से आने वाले लड़कियों या किसी अन्य नंबरों से संपर्क न करें। सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते समय सभी प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग का इस्तेमाल करें।

मोबाइल या कम्प्यूटर पर यदि लिखकर आए कि वह एफेक्टेड है तो तुरंत किसी लिंक को क्लिक न करें। पहले उससे संबंधित जानकारी पढ़ें।

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