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तमाम कोशिशों के बावजूद डूब गए एलयू के 38 कोर्स
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Sat, 05 Oct 2013 02:34 AM IST
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एलयू में तमाम कोशिशों के बावजूद 38 कोर्स डूब ही गए। यह कोर्स पीजी व डिप्लोमा के हैं। जबकि इस बार विवि प्रशासन ने ऑफ कैंपस ऑन लाइन काउंसलिंग के जरिए स्टूडेंट को दाखिले के लिए अधिक चॉइस दी।
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इसके तहत पहली बार ऐसा हुआ कि स्टूडेंट ने अगर किसी विभाग में दाखिले के लिए आवेदन किया है और उसे उस कोर्स में प्रवेश नहीं मिल रहा है तो वह अपना कोर्स बदलकर दूसरे में प्रवेश ले सकता है।
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इसके लिए विवि प्रशासन ने अलग से आवेदन फॉर्म भी भरवाए। इसके अलावा पीजी कोर्सेज में इस बार कम से कम पांच मेरिट सूची जारी की गईं।
आवेदन करने वाले लगभग सारे स्टूडेंट्स को खंगालने के बावजूद विवि प्रशासन इन कोर्सों को नहीं बचा सका। इतना ही नहीं इस बार पीजी कोर्सों में कम से कम 20 सीटें या फिर 40 प्रतिशत सीटें भरने पर ही कोर्स चलाने का फैसला लिया गया।
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इन दोनों में से जो भी नियम लागू हो जाए उस पर कोर्स चलाने का निर्णय लिया गया। इस नए नियम के बावजूद भी सीटें नहीं भर पायी हैं। जबकि पिछले साल एलयू में सेल्फ फाइनेंस कोर्स तभी चलते थे जब कम से कम 40 प्रतिशत सीटें भरें।
नियम में शिथिलता के बावजूद काफी कोर्स डूब गए। हलांकि एलयू प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस बार स्टूडेंट के सामने दाखिले के काफी विकल्प रखे।
ऐसे स्टूडेंट जो पहले किन्हीं वजहों से दूसरे कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे उन्हें भी दाखिले के लिए दोबारा मौका दिया गया ताकि उनका साल बर्बाद न हो।
फिलहाल इस पूरी प्रक्रिया से काफी स्टूडेंट लाभान्वित भी हुए हैं। 30 सितंबर को एलयू में पीजी व यूजी कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो गई।