कमाल है! एक ही परिवार की 3 बेटियां न्यायिक सेवा में
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जहां एक ओर आज भी हमारे समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य उपराध पर रोक नहीं लग पा रही है। वहीं दूसरी ओर हमारी बेमिसाल बेटियां अपनी प्रतिभा के दम पर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि गांव शहर सहित प्रदेश का नाम रोशन करने में लगी हुई हैं।
प्रदेश में अभी भी महिला-पुरुष लिंगानुपात बराबरी पर नहीं आ सका है, लेकिन हमारी बेटियां पुरुषों की न सिर्फ बराबरी कर रहीं हैं, बल्कि कई बार उन्हें पीछे छोड़ते हुए नए मुकाम हासिल कर रहीं हैं।
ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, खंड के गांव बुदशैली की लाड़लियों ने। गांव की तीन बहनें भारती पंवार, रीतू पंवार और नीलिमा पंवार समाज के लिए एक मिसाल बन गई है।
लड़का-लड़की में भेद करने वालों के लिए सबक
लड़का-लड़की में भेदभाव समझने वालों को इन बेटियों ने दिखा दिया है कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। एक ही परिवार की तीनों बहनों ने न्यायिक सेवा में स्थान बनाने में सफलता हासिल की है। बता दें कि तीन बहनों में मंझली बहन रीतू का चयन पहले ही न्यायिक सेवा के लिए हो चुका है।
इनके चाचा सुरेश कुमार ने फोन पर भारती और नीलिमा के चयन की जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट जोधपुर द्वारा जारी की गई सूची में दोनों बहनों का भी चयन हो गया है। जैसे ही बीती शाम भारती व नीलिमा के परिजनों को बेटियों के चयन का पता चला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर में बधाई देने वालों का भी तांता लग
परिजनों ने दिया हौसला
न्यायिक सेवा में चयनित होने वाली तीनों बहनों ने कहा कि पिता का स्वर्गवास हो जाने के बाद चाचा-ताऊ ने उन्हें किसी बात की कमी नहीं आने दी और हमेशा पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते रहे। तीन बहनों में सबसे बड़ी भारती ने बीएससी के अलावा, एलएलबी, एलएमएम व लॉ में नेट पास किया है। रीतू ने बीएससी के अलावा एलएलबी की है। वह न्यायिक सेवा में जोधपुर में प्रशिक्षण ले रही है। नीलिमा ने बीएससी व एलएलबी पास की है।