फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   2000 seats are vacant in engineering colleges

इंजीनियरिंग कॉलेजों में दो हजार सीटें खाली

Thu, 07 Aug 2014 02:11 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 07 Aug 2014 02:11 AM IST
विज्ञापन
2000 seats are vacant in engineering colleges

उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्ध सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और सहायता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 2000 सीटें खाली चल रही हैं।

विज्ञापन


इसमें बीटेक में लगभग 500 सीटें और एमबीए व एमसीए में लगभग 1,500 सीटें खाली हैं। करीब 8000 स्टूडेंट्स ने इन सीटों पर दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
विज्ञापन


अब यूनिवर्सिटी प्रशासन सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली सीटों का ब्यौरा ऑनलाइन करेगा। इसके बाद नौ व 10 अगस्त को स्टूडेंट ऑनलाइन चॉइस फिलिंग कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीट अलॉटमेंट का काम 13 अगस्त को होगा। इसके बाद 14 को सीट कन्वफर्मेशन होगा। यूपीटीयू की ओर से आयोजित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) की काउंसलिंग का शिड्यूल व जिन कॉलेजों में सीटें खाली हैं, उसका ब्यौरा वेबसाइट www.upsee.nic.in पर उपलब्ध है।

MBA व MCA की सीटें भी खाली

2000 seats are vacant in engineering colleges

एसईई काउंसलिंग के प्रवेश समन्वयक प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की करीब 500 सीटें खाली हैं। वहीं, एमबीए, एमसीए में 1500 सीटें रिक्त हैं।

एसईई काउंसलिंग में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ-साथ सहायता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी खाली सीटों पर काउंसलिंग होगी। एसईई काउंसलिंग में करीब 8000 स्टूडेंट्स ने दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।

सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली चल रही बीटेक की सीटों पर दाखिले के लिए आए हैं। प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि अब सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली सीटों पर मेरिट व चॉइस के अनुसार स्टूडेंट्स को सीट अलॉट कर दी जाएगी।

अगर स्टूडेंट्स को कोई भी दिक्कत है तो वे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। एक बार जो सीट स्टूडेंट्स को अलॉट हो जाएगी वह दोबारा बदली नहीं जाएगी।

इन संस्थानों में दाखिले के लिए होगी काउंसलिंग

2000 seats are vacant in engineering colleges

- इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लखनऊ
- एचबीटीआई कानपुर
- बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, झांसी
- उप्र टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, कानपुर

- फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर, यूपीटीयू लखनऊ
- कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर
- डॉ. भीमराव अंबेडकर इंजीनियरिंग ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बांदा
- डॉ. भीमराव अंबेडकर इंजीनिरिंग कॉलेज ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बिजनौर

- मान्वयर कांशीराम इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आमजगढ़
- मान्वयर कांशीराम इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अंबेडकर नगर

यहां भी होनी है काउंसलिंग

2000 seats are vacant in engineering colleges

- डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ट, कानपुर
- इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद

- इंस्टीट्यूट ऑफ को-ऑपरेटिव एंड कार्पोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग, लखनऊ
- इंदिरा गांधी सहकारी प्रबंध संस्थान, लखनऊ

- स्टेप एचबीटीआई, कानपुर
- फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, रायबरेली

- सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लॉस्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लखनऊ
- निट्रा टेक्निकल कैंपस गाजियाबाद

चॉइस देने में न बरतें कंजूसी

2000 seats are vacant in engineering colleges

काउंसलिंग में स्टूडेंट्स अधिक से अधिक चॉइस दें, ताकि उनकी सीट पक्की हो सके। सीट मेरिट व स्टूडेंट्स की चॉइस के अनुसार अलॉट होती है।

देखा जाता है कि चॉइस देने वाले स्टूडेंट्स में मेरिट किसकी अच्छी है। कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट कम चॅाइस बताते हैं और उन्हें रैंक अच्छी होते हुए भी सीट नहीं मिल पाती।

ऐसे में वे अधिक से अधिक चॉइस बताएं तभी उनको सीट अलॉट होगी। स्टूडेंट चॉइस बताने में किसी भी तरह की कंजूसी न बरतें।

मेरिट के अनुसार होगा दाखिला

2000 seats are vacant in engineering colleges

सरकारी कॉलेजों में सीटें भरने से टॉप प्राइवेट कॉलेजों में मिलेगा मौका सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया के कारण अब निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए स्टूडेंट्स को मौका मिल सकता है।

इसमें गलगोटिया, जेएसस नोएडा, एकेजी, काइट सहित कई इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं। प्रो. जगवीर सिंह कहते हैं कि कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मेरिट के अनुसार ही स्टूडेंट्स को दाखिला दें।

निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब डायरेक्ट काउंसलिंग चल रही है। फिलहाल, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटें भरने से टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऊपर के रैंक वाले स्टूडेंट सरकारी कॉलेजों में शिफ्ट हो जाएंगे। ऐसे में स्टूडेंट्स को अभी और मौका मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed