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1400 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में

Fri, 22 Aug 2014 01:12 PM IST
हेमंत ज्योतिसर/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
हेमंत ज्योतिसर/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 22 Aug 2014 01:12 PM IST
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1400 Employees Job of KUK in Danger

आउट सोर्सिंग के करीब चौदह सौ कर्मियों की नौकरी पर जा सकती है। इन्हे बाहर का रास्ता दिखाया जाना तय माना जा रहा है। डीसी रेट और पिछले पांच-छह माह से रुका वेतन देने की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कर्मी इन दिनों हड़ताल पर हैं। उनके कंधों पर अब रोजगार बचाने का भार आ पड़ा हैं।

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काफी समय से केयू प्रशासन उन्हें मांगें पूरी करने का आश्वासन दे रहा था। लेकिन अब नया टेंडर देने के साथ ही इन कर्मियों की नौकरी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
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केयू प्रशासन ने टेंडर देते समय नए ठेकेदार को साफ कर दिया है कि उन्हें काम चाहिए, चाहे वह नए कर्मियों को रखे या फिर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों से काम ले। केयू प्रशासन की ओर से इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाना तय माना जा रहा है।
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दिखाया जा चुका है बाहर का रास्ता

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कुछ अधिकारी दबी आवाज में यह कह रहे हैं कि इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। तभी तो इन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी गई। इन कर्मियों को केयू यूनियनों तथा कुंटिया से बहुत उम्मीदें है। वहीं कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने बताया कि नया ठेका दे दिया गया है। ठेकेदार को टर्म एंड कंडीशन से भी अवगत कराया गया है।

कर्मियों को रखने के बारे में केयू प्रशासन कुछ नहीं कह सकता। यह ठेकेदार पर निर्भर है कि वह इन्हीं कर्मियों से काम लेता है या फिर नए कर्मियों को नियुक्त करता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। उन्हें केवल काम चाहिए।

बता दें कि हड़ताली कर्मी वीसी डॉ. डीडीएस संधू और कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण का घेराव कर चुके हैं। जबकि करीब एक सप्ताह से अधिक यूनिवर्सिटी में धरना-प्रदर्शन का दौर जारी है।

प्रदर्शन के दौरान मिला था आश्वासन

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मांगों के लिए जब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने लघु सचिवालय पर धरना शुरू किया था तो उस समय कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने मौके पर पहुंचकर उन्हें डीसी रेट देने और नया ठेका अलॉट करने का आश्वासन देकर आंदोलन से उठा लिया था।

अब समय बीतने पर भी यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर से कर्मियों ने वीसी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आंदोलन का बिगुल बजा दिया। काबिलेजिक्र है कि यूनिवर्सिटी में लगे इन आउट सोर्सिंग कर्मियों ने लघु सचिवालय पर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। 2 जून को कुलसचिव ने उन्हें आश्वासन दिया था।

कर्मचारी नेताओं पर केस दर्ज हो चुके हैं

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पिछले सप्ताह दो कर्मचारी नेताओं पर यूनिवर्सिटी की ओर से मामला भी दर्ज कराया गया जा चुका है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी डेलीवेज एम्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष व महासचिव शिव कुमार पर चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. डीएस संधू की शिकायत पर पुलिस ने धमकी देने का मामला दर्ज किया था। इसका विरोध करते हुए कर्मियों ने 12 अगस्त को वीसी कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी की थी।

कुलसचिव की नियत ठीक नहीं

कर्मचारी नेता मदनलाल ने बताया कि कुलसचिव की नियत ठीक नहीं है। इसलिए वह बातचीत करने में आनाकानी कर रहे हैं। डीएसपी गोरखपाल राणा ने भी उनकी बातचीत कराने का प्रयास किया लेकिन रजिस्ट्रार नहीं माने।

कुंटिया भी साथ है कर्मियों के

कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह ने बताया कि कर्मियों का साथ दिया जाएगा। साढे़ 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक कुंटिया आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन करेगा। इसका फैसला कुंटिया की आम सभा में लिया गया है।

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