परीक्षा से पहले ही फेल हो गए ये 'होनहार'
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अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड की परीक्षा होनी तो अभी बाकी है लेकिन ये 1400 'होनहार' तो पहले ही फेल हो गए हैं। आप भी जान लीजिए इनकी करामात। अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड ने बड़ी संख्या में आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और सब-स्टेशन अटेंडेट (एसएसए) भर्ती के लिए आए आवेदनों में से 1400 से अधिक रद्द कर दिए हैं। भर्ती नियम पूरा न करने के कारण ऐसा किया गया है। छंटनी के दौरान कार्रवाई की गई है।
पांच अप्रैल को हमीरपुर, मंडी, शिमला और धर्मशाला में इन पदों के लिए लिखित परीक्षा होने जा रही है। आवेदन रद्द हो जाने से 1400 अभ्यर्थियों को झटका लगा है। बोर्ड ने योग्य उम्मीदवारों को कॉल लेटर जारी कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश स्टेट बिजली बोर्ड लिमिटेड ने सब- स्टेशन अटेंडेंट के 26 पद को भरने के लिए हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को भर्ती की जिम्मेवारी सौंपी है।
ये पद भी भरेगा अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड
इसके लिए उम्मीदवार का दसवीं पास तथा किसी भी मान्यता प्राप्त आईटीआई से इलेक्ट्रिकल ट्रेड में सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इधर, महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के 140 पद को भरने का जिम्मा भी अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को दिया गया है।
सुपरवाइजर के पदों को भरने के लिए उम्मीदवार का दसवीं पास, आंगनबाड़ी वर्कर्स या बाल सेविका या क्राफ्ट टीचर के रूप में कम से कम पांच साल का अनुभव अनिवार्य था, लेकिन बाद में कुछ महिलाएं अनुभव के मुद्दे पर कोर्ट में चली गई। इसके बाद प्रदेश सरकार ने महिला वर्कर्स की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए दस वर्ष का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को ही योग्य मानने के लिए बोर्ड को निर्देश दिए।
हमने इसलिए रिजेक्ट किए आवेदन
इस दौरान सुपरवाइजर के पदों को भी कम करके 92 पद पर समेट दिया गया। अब आवेदन के रिजेक्ट होने से कइयों को लिखित परीक्षा के लिए कॉल लेटर न आने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुपरवाइजर के 569, एसएसए के 819 आवेदन रद्द हुए हैं। रजनी शर्मा, वीना देवी, सुमन लता, सपना ठाकुर और शकुंतला देवी ने कहा कि उन्होंने सुपरवाइजर के पदों के लिए आवेदन किया था, लेकिन रोलनंबर नहीं मिले हैं। इनका कहना है कि जब आवेदन फार्म भरे गए तो उस समय अनुभव पांच साल का ही मांगा गया था।
हिप्र अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर के सचिव विजय कुमार ने बताया कि कुछ आंगनबाड़ी वर्कर्स अपने वरिष्ठता को लेकर कोर्ट में चली गई थी। इसके बाद सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के 92 पदों को भरने के लिए न्यूनतम दस वर्ष के अनुभव की शर्त लगाई थी। योग्यता पूरी नहीं करने वालों के आवेदन रिजेक्ट हुए हैं।